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भाजपा सरकार बताए - कच्चे तेल की कीमतें लगातार घट रही हैं, फिर जनता को सस्ता पेट्रोल-डीजल कब मिलेगा? : कुमारी सैलजा

 
भाजपा सरकार बताए - कच्चे तेल की कीमतें लगातार घट रही हैं, फिर जनता को सस्ता पेट्रोल-डीजल कब मिलेगा? : कुमारी सैलजा

 

 

चंडीगढ़ 8 जुलाई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आने के बावजूद देश की जनता को पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई राहत क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तेल कंपनियां लगातार भारी मुनाफा कमा रही हैं, तब आम आदमी को राहत से वंचित रखना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां भी रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यदि कंपनियों का घाटा समाप्त हो चुका है और वे लगातार लाभ में हैं, तो सरकार स्पष्ट करे कि पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने में आखिर बाधा क्या है। सांसद ने सरकार से सवाल किया कि क्या भाजपा सरकार आम जनता के हितों के लिए काम कर रही है या फिर तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता में लगी हुई है? यदि कंपनियों के लिए मुनाफा सुनिश्चित किया जा सकता है, तो महंगाई से जूझ रहे करोड़ों परिवारों को राहत क्यों नहीं दी जा रही? कुमारी सैलजा ने कहा कि महंगे पेट्रोल और डीजल का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे खाद्यान्न, फल-सब्जियां, दूध, दवाइयां और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं महंगी होती हैं। इसका सबसे अधिक बोझ गरीब, मध्यम वर्ग, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट नीति रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए गए अत्यधिक करों की समीक्षा कर आम लोगों को तत्काल राहत देनी चाहिए। कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि यदि कच्चे तेल की कीमतें कम हैं और तेल कंपनियां लाभ में हैं, तो पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत घटाकर जनता को महंगाई से राहत दी जाए। देश की जनता जानना चाहती है कि सरकार की प्राथमिकता जनहित है या तेल कंपनियों का मुनाफा।