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उज्जैनः ठंड से तीन भिखारियों की मौत

चिकित्सक बोले- खून का थक्का जमने से वृद्धों को आया हार्टअटैक 
 
उज्जैनः ठंड से तीन भिखारियों की मौत 
उज्जैन, 12 जनवरी। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड से भले ही थोड़ी राहत मिल गई है, लेकिन ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरे का असर अब भी देखने को मिल रहा है। गुरुवार सुबह कुछ स्थानों पर विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर के बीच रही। वहीं, उज्जैन में ठंस से तीन भिखारियों की मौत का मामला सामने आया है। यहां तीन अलग-अलग स्थानों पर बुधवार को तीनों के शव मिले थे। गुरुवार को इनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर अजय दंडोतिया ने बताया कि आर्टरी में खून का थक्का जमने से हार्टअटैक आया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। ठंड में खून का थक्का जमने की संभावना अधिक होती है।

महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह महाराजवाड़ा पार्किंग के समीप 75 वर्षीय लक्ष्मणदास नामक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला था। मृतक लंबे समय से महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्र में भिक्षावृत्ति करता था। इसी प्रकार रामघाट के समीप स्थित राम मंदिर की सीढ़ियों पर रहने वाला 70 वर्षीय वृद्ध तथा दानीगेट पर गणगौर दरवाजे के पास स्थित दशोरा धर्मशाला के बाहर भी 70 वर्षीय लावारिस व्यक्ति बुधवार को मृत अवस्था में मिला था। तीनों शवों का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया है। पोस्टमार्टम में तीनों की मौत ठंड की वजह से होना बताया गया है।

महाकाल थाना प्रभारी बीएस मंडलोई का कहना है कि तीनों भिक्षुकों के शव अलग-अलग मिले थे। उनके ऊपर सिर्फ चादर थी, कुछ खास ओढ़ने को नहीं था, कड़ाके की ठंड है। उज्जैन में न्यूनतम पारा 10 डिग्री के आसपास चल रहा है। बुधवार रात का पारा 10.2 रिकॉर्ड हुआ। भिक्षुकों की मौत हार्टअटैक से हुई। वे बीमार भी थे। महाकाल पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम किया है।

मध्यप्रदेश में बुधवार रात सबसे कम तापमान उमरिया और पचमढ़ी में 6.4 रिकॉर्ड हुआ, जबकि 38 शहरों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री या इससे ऊपर रिकॉर्ड हुआ। सभी शहरों में रात और दिन के पारे में मामूली बढ़त आई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी ठंड से राहत जरूर है, लेकिन तीन दिन के बाद फिर से कड़ाके की ठंड का दौर लौटेगा। उत्तर भारत में मौसम में आए बदलाव की वजह से ऐसा होगा।