पंजाब सरकार ने खरीदा प्राइवेट पावर प्लांट, बिजली खरीदने में बचेंगे साढ़े तीन सौ करोड़
सीएम मान का ऐलान, प्लांट का नाम तीसरे गुरु साहिब श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर होगा
Jan 1, 2024, 20:42 IST

चंडीगढ़, 01 जनवरी पंजाब सरकार ने 1080 करोड़ रुपये से प्राइवेट कंपनी जीवीके पावर के स्वामित्व वाला गोइन्दवाल पावर प्लांट ख़रीदा है। यह 540 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट दो करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के हिसाब के साथ खरीदा गया है। इस प्लांट का नाम तीसरे गुरु साहिब के नाम पर श्री गुरु अमरदास थर्मल पावर प्लांट होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कहा कि यह पहली दफ़ा है जब सरकार ने कोई प्राइवेट पावर प्लांट खरीदा है, जबकि पिछले समय में राज्य सरकारें कम कीमतों पर सरकारी संस्थान बेचने की आदी थी। उन्होंने कहा कि किसी राज्य सरकार की तरफ से पावर प्लांट का यह सबसे कम कीमत पर किया समझौता है, क्योंकि 600 मेगावाट क्षमता वाले कोरबा वेस्ट, झाबुआ पावर और लैंको अमरकंटक जैसे पावर प्लांट क्रमवार 1804 करोड़ रुपये, 1910 करोड़ और 1818 करोड़ रुपये में ख़रीदे गए।
उन्होंने कहा कि यह 540 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट दो करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के हिसाब के साथ खरीदा गया है। इसकी कीमत तीन करोड़ रुपये प्रति मेगावाट पड़ी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्लांट का नाम तीसरे गुरू साहिब के नाम पर श्री गुरु अमरदास थर्मल पावर प्लांट होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस थर्मल प्लांट की क्षमता 61 प्रतिशत थी, जबकि इसमें से सिर्फ़ 34 प्रतिशत तक का ही प्रयोग होता था। अब इस प्लांट की क्षमता को 75 से 80 प्रतिशत तक किया जायेगा, जिससे राज्य में बिजली पैदावार बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पावर प्लांट ख़रीदने से बिजली की दर में प्रति यूनिट एक रुपये की कटौती करने में मदद मिलेगी, जिससे बिजली ख़रीद पर 300 से 350 करोड़ रुपये की बचत होगी। इससे राज्य के खपतकारों को भी लाभ मिलेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पंजाब के नौजवानों के लिए रोज़गार के नये मौके खुलेंगे, जिससे वह राज्य की तरक्की और ख़ुशहाली में बराबर हिस्सेदार बनेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कहा कि यह पहली दफ़ा है जब सरकार ने कोई प्राइवेट पावर प्लांट खरीदा है, जबकि पिछले समय में राज्य सरकारें कम कीमतों पर सरकारी संस्थान बेचने की आदी थी। उन्होंने कहा कि किसी राज्य सरकार की तरफ से पावर प्लांट का यह सबसे कम कीमत पर किया समझौता है, क्योंकि 600 मेगावाट क्षमता वाले कोरबा वेस्ट, झाबुआ पावर और लैंको अमरकंटक जैसे पावर प्लांट क्रमवार 1804 करोड़ रुपये, 1910 करोड़ और 1818 करोड़ रुपये में ख़रीदे गए।
उन्होंने कहा कि यह 540 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट दो करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के हिसाब के साथ खरीदा गया है। इसकी कीमत तीन करोड़ रुपये प्रति मेगावाट पड़ी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्लांट का नाम तीसरे गुरू साहिब के नाम पर श्री गुरु अमरदास थर्मल पावर प्लांट होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस थर्मल प्लांट की क्षमता 61 प्रतिशत थी, जबकि इसमें से सिर्फ़ 34 प्रतिशत तक का ही प्रयोग होता था। अब इस प्लांट की क्षमता को 75 से 80 प्रतिशत तक किया जायेगा, जिससे राज्य में बिजली पैदावार बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पावर प्लांट ख़रीदने से बिजली की दर में प्रति यूनिट एक रुपये की कटौती करने में मदद मिलेगी, जिससे बिजली ख़रीद पर 300 से 350 करोड़ रुपये की बचत होगी। इससे राज्य के खपतकारों को भी लाभ मिलेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पंजाब के नौजवानों के लिए रोज़गार के नये मौके खुलेंगे, जिससे वह राज्य की तरक्की और ख़ुशहाली में बराबर हिस्सेदार बनेंगे।

