पंजाब विधानसभा में विधायकों व मंत्रियों का हंगामा, बाढ़ राहत राशि न मिलने पर जताई नाराजगी
Sep 26, 2025, 19:46 IST

चंडीगढ़, 26 सितंबर। पंजाब में आई बाढ़ के मुद्दे पर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार को उस समय हास्यपद स्थिति पैदा हो गई, जब सदन की कार्यवाही के बीच आम आदमी पार्टी के विधायक और मंत्री सीटें छोडक़र खड़े हो गए और केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पंजाब के इतिहास में यह पहला मौका था, जब ट्रेजरी बेंचों की तरफ से सदन में हंगामा किया गया और स्पीकर को सदन की कार्यवाही बीस मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इस विशेष सत्र में पंजाब के पुनर्वास के मुद्दे पर सदन में पूरा दिन बहस चली, जिसमें बाढ़ के दौरान पंजाब में हुई तबाही को लेकर सभी विधायकों ने अपने विचार रखे और पंजाब को दोबारा खड़ा करने पर सुझाव दिए। इस बीच आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विधायकों के हाथों में तख्तियां थी, जिसमें बाढ़ प्रबंधों के लिए प्रधानमंत्री की ओर से की गई 1600 करोड़ की घोषणा को जुमला बताया गया। विधायकों तथा मंत्रियों का आरोप था कि केंद्र सरकार ने अभी तक यह राशि जारी नहीं की है। सभी विधायक और मंत्री नारेबाजी करते हुए स्पीकर की वेल में आ गए।
स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने बार-बार सीटों पर बैठने के लिए आग्रह किया, लेकिन आप विधायक नहीं माने। हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को बीस मिनट के लिए स्थगित किया। सत्र स्थगित होने के बाद सदन के बाहर वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा और आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस प्रधानमंत्री की एजेंट बनकर बीजेपी का प्रोजेक्ट चला रही है। सेशन में भाजपा के दोनों विधायक गायब थे।
चीमा ने कहा कि जब मैंने सभी विधायकों को भाजपा का कच्चा चिट्ठा बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के 1600 करोड़ भी जुमला निकले हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री दौरे के बीस दिन बाद भी एक रुपया नहीं भेजे। पहले आए 240 करोड़ बजट मंजूर राशि थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बार भी मजाक किया। जब वे पठानकोट आए, तो बाढ़ में अपने चार बच्चे खोने वाले परिवार से नहीं मिले। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री पंजाब से नफरत करते हैं और आने वाले समय में लोग भाजपा को सबक सिखाएंगे।
इस विशेष सत्र में पंजाब के पुनर्वास के मुद्दे पर सदन में पूरा दिन बहस चली, जिसमें बाढ़ के दौरान पंजाब में हुई तबाही को लेकर सभी विधायकों ने अपने विचार रखे और पंजाब को दोबारा खड़ा करने पर सुझाव दिए। इस बीच आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विधायकों के हाथों में तख्तियां थी, जिसमें बाढ़ प्रबंधों के लिए प्रधानमंत्री की ओर से की गई 1600 करोड़ की घोषणा को जुमला बताया गया। विधायकों तथा मंत्रियों का आरोप था कि केंद्र सरकार ने अभी तक यह राशि जारी नहीं की है। सभी विधायक और मंत्री नारेबाजी करते हुए स्पीकर की वेल में आ गए।
स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने बार-बार सीटों पर बैठने के लिए आग्रह किया, लेकिन आप विधायक नहीं माने। हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को बीस मिनट के लिए स्थगित किया। सत्र स्थगित होने के बाद सदन के बाहर वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा और आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस प्रधानमंत्री की एजेंट बनकर बीजेपी का प्रोजेक्ट चला रही है। सेशन में भाजपा के दोनों विधायक गायब थे।
चीमा ने कहा कि जब मैंने सभी विधायकों को भाजपा का कच्चा चिट्ठा बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के 1600 करोड़ भी जुमला निकले हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री दौरे के बीस दिन बाद भी एक रुपया नहीं भेजे। पहले आए 240 करोड़ बजट मंजूर राशि थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बार भी मजाक किया। जब वे पठानकोट आए, तो बाढ़ में अपने चार बच्चे खोने वाले परिवार से नहीं मिले। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री पंजाब से नफरत करते हैं और आने वाले समय में लोग भाजपा को सबक सिखाएंगे।

