राजनीतिक गठबंधन छोटी भूमिका में नहीं बराबरी में होता है:अश्वनी शर्मा
-पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन पर नई चर्चा शुरू
Feb 14, 2026, 20:02 IST

चंडीगढ़, 14 फ़रवरी पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक अश्वनी शर्मा ने साफ किया है कि शिअद के साथ पहले राजनीतिक नहीं, सामाजिक गठबंधन था।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक गठबंधन काेई छोटी भूमिका में नहीं होती है वो बराबरी का ही होता है। उस गठबंधन में हमारी भूमिका बहुत छोटी थी।अश्वनी शर्मा ने शनिवार को चंडीगढ़ में प्रवासी पंजाबियों (एनआरआई) के साथ हुई बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि
भारतीय जनता पार्टी अकाली दल के साथ गठबंधन में अब छोटी भूमिका में नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी दुनिया में सबसे बड़ी पार्टी है। देश की सबसे बड़ी पार्टी है और पंजाब में इसे बहुत छोटे तौर पर आंका जाता है।अश्वनी शर्मा ने एनआरआई से कहा कि पंजाब में वो एक छोटे से समूह में राजनीति करते थे इसलिए पहले कभी एनआरआई से नहीं मिले। लेकिन अब भाजपा का स्वरूप पंजाब में बड़ा हो गया। शर्मा ने एनआरआई को कहा कि पिछली सरकार बनाने में सबसे ज्यादा अहम योगदान आपका रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब के हालात खराब कर दिए। अश्वनी शर्मा ने एनआरआई से भाजपा के लिए सहयोग मांगा।
शर्मा ने एनआरआई से बात करते हुए अकाली दल को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस बार भाजपा कम सीटों पर मानने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि 17-83 कोई हिस्सेदारी नहीं होती। हम 117 में से सिर्फ 23 सीटों पर ही लड़ते थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक गठबंधन काेई छोटी भूमिका में नहीं होती है वो बराबरी का ही होता है। उस गठबंधन में हमारी भूमिका बहुत छोटी थी।अश्वनी शर्मा ने शनिवार को चंडीगढ़ में प्रवासी पंजाबियों (एनआरआई) के साथ हुई बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि
भारतीय जनता पार्टी अकाली दल के साथ गठबंधन में अब छोटी भूमिका में नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी दुनिया में सबसे बड़ी पार्टी है। देश की सबसे बड़ी पार्टी है और पंजाब में इसे बहुत छोटे तौर पर आंका जाता है।अश्वनी शर्मा ने एनआरआई से कहा कि पंजाब में वो एक छोटे से समूह में राजनीति करते थे इसलिए पहले कभी एनआरआई से नहीं मिले। लेकिन अब भाजपा का स्वरूप पंजाब में बड़ा हो गया। शर्मा ने एनआरआई को कहा कि पिछली सरकार बनाने में सबसे ज्यादा अहम योगदान आपका रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब के हालात खराब कर दिए। अश्वनी शर्मा ने एनआरआई से भाजपा के लिए सहयोग मांगा।
शर्मा ने एनआरआई से बात करते हुए अकाली दल को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस बार भाजपा कम सीटों पर मानने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि 17-83 कोई हिस्सेदारी नहीं होती। हम 117 में से सिर्फ 23 सीटों पर ही लड़ते थे।

