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परविंदर झोटा की हत्या पर विपक्ष ने मान सरकार को घेरा, कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान पर उठाए सवाल

 - सुखबीर बादल, केवल सिंह ढिल्लों, सुनील जाखड़ और राजा वड़िंग ने झोटा की हत्या पर दुख जताया
 
  परविंदर झोटा की हत्या पर विपक्ष ने मान सरकार को घेरा, कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान पर उठाए सवाल

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर  नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की मानसा में गोली मारकर हत्या के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भगवंत मान सरकार को घेरते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने झोटा की हत्या पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और सरकार का नशा विरोधी अभियान अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया है। उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर मुद्दों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने हत्या, गैंगस्टर गतिविधियों और नशीले पदार्थों की कथित बिक्री का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग भी की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि झोटा की हत्या ने नशे के खिलाफ सरकारी अभियान पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने औषधीय नशों की कथित बढ़ती समस्या का उल्लेख करते हुए पूछा कि ऐसे पदार्थों की आपूर्ति रोकने और जब्ती के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। जाखड़ ने ड्रग इंस्पेक्टरों की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता और पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी हत्या को कानून-व्यवस्था की विफलता से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झोटा लंबे समय से नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनके प्रयासों को पर्याप्त सरकारी समर्थन नहीं मिला।
वड़िंग ने वर्ष 2023 में झोटा के परिवार से हुई अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं, सरकार की ओर से इन सभी आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है