आप विधायक कुंवर विजय प्रताप ने सीएम भगवंत मान को घेरा
गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को सजा नहीं देने पर उठाया सवाल
Jan 27, 2024, 20:42 IST

-सीएम भगवंत मान से बोले, 29 जनवरी को फरीदकोट की अदालत में मिलेंगे
चंडीगढ़, 27 जनवरी पंजाब के पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं अमृतसर नार्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बरगाड़ी बेअदबी कांड के आरोपितों को सजा न दिए जाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेर लिया है। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 29 जनवरी को फरीदकोट की अदालत में होने वाली सुनवाई को लेकर भी अपनी ही सरकार को चुनौती दी है।
कुंवर विजय प्रताप इस समय आम आदमी पार्टी से विधायक हैं और उन्होंने आईजी रहते हुए पंजाब में अकाली दल की सरकार के समय में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामलों की जांच की थी। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा-बरगाड़ी, बेअदबी, बहबलकलां, कोटकपूरा (एपिसोड-6)। आप को बधाई हो। मुख्यमंत्री साहब, आपने लिंग निर्धारण टेस्ट नहीं करवा के बहुत बड़ा संदेश पंजाब के लोगों को दिया। आपके घर राजकुमारी आए या राज कुमार। जो भी हो पंजाब के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे, हमें बहुत खुशी होगी। लेकिन मेरे से किया गया वादा, जिस दिन मुझे जॉइनिंग करवाई थी, अमृतसर पवित्र शहर में 21 जून 2021 को, आदरणीय केजरीवाल साहब भी मुख्य रूप से आए थे। मुद्दा बरगाड़ी, बेअदबी, बहबलकलां, कोटकपूरा गोलीकांड का। मैं आज भी वहीं हूं, जहां इलेक्शन से पहले खड़ा था, पंजाब भी वहीं ठहर गया है।
विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आगे अपनी पोस्ट में कहा कि 28 नवंबर 2023 को चंडीगढ़ में आपके सरकारी रिहाइश पर मुलाकात करके इस संबंध में विस्तारपूर्वक बातचीत की थी। आज दो महीने पूरे हो गए हैं। लेकिन, अब आपके पीए भी मेरा फोन सुनने को रोजी नहीं हैं।
विधायक कुंवर ने कहा कि मोर्चे वालों से आपका राजीनामा हो गया और कानूनी दांव-पेंच में मोर्चे वालों को मेरे खिलाफ ही लगा दिया। दोषियों के बड़े वकील साहिबान जोकि आज आपकी सरकार के बड़े सरकारी वकील बने हैं। मेरे और मेरे प्राइवेट वकीलों को अच्छी टक्कर दे रहे हैं।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने चुनौती भरे लहजे में सीएम को कहा है कि मिलते हैं, फरीदकोट की अदालत में 29 जनवरी 2024 को लेकिन ये सारा हिसाब किताब गुरु गोबिंद सिंह जी की अदालत में रखा जा रहा है। जहां से इंसाफ की मुझे पूरी आस है।
कुंवर विजय प्रताप इस समय आम आदमी पार्टी से विधायक हैं और उन्होंने आईजी रहते हुए पंजाब में अकाली दल की सरकार के समय में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामलों की जांच की थी। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा-बरगाड़ी, बेअदबी, बहबलकलां, कोटकपूरा (एपिसोड-6)। आप को बधाई हो। मुख्यमंत्री साहब, आपने लिंग निर्धारण टेस्ट नहीं करवा के बहुत बड़ा संदेश पंजाब के लोगों को दिया। आपके घर राजकुमारी आए या राज कुमार। जो भी हो पंजाब के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे, हमें बहुत खुशी होगी। लेकिन मेरे से किया गया वादा, जिस दिन मुझे जॉइनिंग करवाई थी, अमृतसर पवित्र शहर में 21 जून 2021 को, आदरणीय केजरीवाल साहब भी मुख्य रूप से आए थे। मुद्दा बरगाड़ी, बेअदबी, बहबलकलां, कोटकपूरा गोलीकांड का। मैं आज भी वहीं हूं, जहां इलेक्शन से पहले खड़ा था, पंजाब भी वहीं ठहर गया है।
विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आगे अपनी पोस्ट में कहा कि 28 नवंबर 2023 को चंडीगढ़ में आपके सरकारी रिहाइश पर मुलाकात करके इस संबंध में विस्तारपूर्वक बातचीत की थी। आज दो महीने पूरे हो गए हैं। लेकिन, अब आपके पीए भी मेरा फोन सुनने को रोजी नहीं हैं।
विधायक कुंवर ने कहा कि मोर्चे वालों से आपका राजीनामा हो गया और कानूनी दांव-पेंच में मोर्चे वालों को मेरे खिलाफ ही लगा दिया। दोषियों के बड़े वकील साहिबान जोकि आज आपकी सरकार के बड़े सरकारी वकील बने हैं। मेरे और मेरे प्राइवेट वकीलों को अच्छी टक्कर दे रहे हैं।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने चुनौती भरे लहजे में सीएम को कहा है कि मिलते हैं, फरीदकोट की अदालत में 29 जनवरी 2024 को लेकिन ये सारा हिसाब किताब गुरु गोबिंद सिंह जी की अदालत में रखा जा रहा है। जहां से इंसाफ की मुझे पूरी आस है।

