साहित्य अकादमी की कार्यशाला संपन्न, 75 बच्चों को प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र
Jun 2, 2023, 18:34 IST

नई दिल्ली, 02 जून। साहित्य अकादमी की पांच दिवसीय कार्यशाला ‘क़िस्सा-ओ-कलम’ का शुक्रवार को समापन हो गया। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों एवं युवा पीढ़ी को भारतीय भाषाओं तथा साहित्य के प्रति संवेदनशील बनाने तथा पढ़ने एवं स्वयं लिखने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य ले इसका आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली-एनसीआर के 75 बच्चों ने भाग लिया।
साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव ने शुक्रवार को फिरोजशाह रोड स्थित अकादमी के सभागार में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्य अकादमी आप सभी भविष्य के लेखकों का अकादमी परिवार में स्वागत करती है और उम्मीद करती है कि आने वाले समय में आप एक संवेदनशील नागरिक एवं लेखक बनकर देश की प्रगति में सहयोग करेंगे। उन्होंने साहित्य अकादमी के नवोदय योजना का परिचय भी दिया, जिसमें उभरते हुए युवा साहित्यकार अपनी प्रथम पुस्तक का प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा करवा सकते हैं। उन्होंने कार्यशाला के दौरान बच्चों की लिखी गई विभिन्न रचनाओं का संचयन प्रकाशित करने की संभावना भी व्यक्त की।
कार्यशाला का संचालन चंदना दत्ता और वंदना मिश्र ने किया। कार्यशाला के दौरान बाल साहित्य विशेषज्ञ अर्चना अत्रि के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम और पुस्तकालय भ्रमण का भी विशेष आयोजन किया गया था। कार्यशाला के लिए 8 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों का चयन, उनके माता-पिता से बातचीत और बच्चों के साक्षात्कार के बाद कौशल के आधार पर किया गया था।
उल्लेखनीय है कि साहित्य अकादमी ने अपनी तरह की पहली इस कार्यशाला का आयोजन 2017 से शुरू किया था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह दो साल नहीं हो पाई थी। इस कार्यशाला का यह चौथा संस्करण था।
साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव ने शुक्रवार को फिरोजशाह रोड स्थित अकादमी के सभागार में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्य अकादमी आप सभी भविष्य के लेखकों का अकादमी परिवार में स्वागत करती है और उम्मीद करती है कि आने वाले समय में आप एक संवेदनशील नागरिक एवं लेखक बनकर देश की प्रगति में सहयोग करेंगे। उन्होंने साहित्य अकादमी के नवोदय योजना का परिचय भी दिया, जिसमें उभरते हुए युवा साहित्यकार अपनी प्रथम पुस्तक का प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा करवा सकते हैं। उन्होंने कार्यशाला के दौरान बच्चों की लिखी गई विभिन्न रचनाओं का संचयन प्रकाशित करने की संभावना भी व्यक्त की।
कार्यशाला का संचालन चंदना दत्ता और वंदना मिश्र ने किया। कार्यशाला के दौरान बाल साहित्य विशेषज्ञ अर्चना अत्रि के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम और पुस्तकालय भ्रमण का भी विशेष आयोजन किया गया था। कार्यशाला के लिए 8 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों का चयन, उनके माता-पिता से बातचीत और बच्चों के साक्षात्कार के बाद कौशल के आधार पर किया गया था।
उल्लेखनीय है कि साहित्य अकादमी ने अपनी तरह की पहली इस कार्यशाला का आयोजन 2017 से शुरू किया था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह दो साल नहीं हो पाई थी। इस कार्यशाला का यह चौथा संस्करण था।

