Pal Pal India

पुलवामा शहीदों की वीरांगनाओं के अपमान पर एक हुए पैरा मिलिट्री रिटायर्स

 
पुलवामा शहीदों की वीरांगनाओं के अपमान पर एक हुए पैरा मिलिट्री रिटायर्स 
नई दिल्ली, 07 अप्रैल। पूर्व एडीजी शमशेर सिंह संधू ने कहा कि  राजस्थान सरकार और पुलिस की बर्बरता पर राजस्थान सरकार को 1 हफ्ते का समय दिया गया है। राजस्थान सरकार द्वारा किए गए सभी वादों को पूरा किया जाए अन्यथा संपूर्ण राज्य में सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

संगठन महासचिव सत्यवीर सिंह ने कहा कि पैरामिलिट्री फोर्स की मुख्य मांगें और शहीद का दर्जा, अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन हैं। यह सब सुविधाएं न होने के कारण ही राजस्थान जैसी घटनाएं पैरामिलिट्री परिवारों के साथ होती है। महासचिव ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार पैरामिलिट्री फोर्सेस को अगर अनदेखा करेगी तो हम इतनी ताकत रखते हैं कि आने वाले समय में रामलीला मैदान में 2 लाख पैरामिलिट्री फोर्स के रिटायरों के साथ महा आंदोलन करेंगे जो सरकार और राजनीतिक दलों के लिए गले की हड्डी बन सकता है। हम बहुत जल्द राजस्थान के 33 जिलों में इस आंदोलन भी करेंगे।

उपाध्यक्ष मनोज तेवतिया ने कहा कि मैंने वीरांगनाओं का दर्द जमीन पर जाकर देखा है। जिस तरह से उनके साथ बर्बरता हुई है वह क्षमा प्रार्थी योग्य नहीं हैं। राजस्थान की सरकार को खुली चेतावनी है कि 1 हफ्ते में मामले पर अपना  स्पष्टीकरण तय करें अन्यथा राजस्थान में विरोध का सामना करने के लिए गहलोत सरकार तैयार रहें।

उपाध्यक्ष दिलीप सरदूल ने कहा कि सीमाओं की रक्षा करने वाले पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों और शहीद परिवारों के साथ इस तरह का हादसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका सरकार को कड़े शब्दों में जवाब दिया जाएगा। मैं इसकी निंदा करता हूं।

मुख्य संयोजक किरणपाल सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि  राजस्थान में पुलवामा शहीदों की वीरांगनाओं के अपमान पर पूरे देश की जनता और देश के पैरामिलिट्री व सैनिकों में आक्रोश की चिंगारी राजस्थान सरकार के विरुद्ध जल चुकी है। अगर राजस्थान सरकार ने इस पर माफी नहीं मांगी और मुख्यमंत्री स्वयं वीरांगनाओं को अपने आवास पर बुलाकर इसमें समझौते की बात नहीं करेंगे तो राजस्थान की सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम इसके लिए पूरी रणनीति के साथ तैयार हंै और अपने पदाधिकारियों के दिशा निर्देश पर आगे जो भी करना होगा वह करेंगे।
 
आंध्र प्रदेश से आए सचिव मोहनराव ने कहा कि राजस्थान सरकार ने जिस तरह से हिल वीरांगनाओं के साथ बर्बरता की है, मैं उसकी निंदा करता हूं और वादा करता हूं कि दक्षिण भारत में भी लड़ाई के प्रति बहुत आक्रोश है। सरकार हमारी बातों को अनदेखा करती है जिसके कारण राज्यों में हमारे साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं। इस पर ऐसी नीति बनाई जाए कि आगे किसी भी राज्य में किसी भी शहीद परिवार या सैनिक के साथ ऐसी घटना न हो।

संगठन के कानूनी सलाहकार अब्दुल सलाम ने कहा कि यह घटना राजस्थान में घटी है लेकिन इस घटना ने संपूर्ण देश की आत्मा और शहीदों के सम्मान को झकझोर कर रख दिया है। सर्वप्रथम राजस्थान की सरकार इस पर माफी मांगे और दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही कानूनी सलाहकार सलाम साहब ने कहा कि पैरामिलिट्री फोर्स को सिविलियन नियम और कानूनों से अलग करके इसके लिए पैरा मिलिट्री फोर्स के एक्ट और रूल  बनाया जाए और हमारे साथ अनदेखी सरकार द्वारा न की जाए अन्यथा हम अब आगे जन आंदोलन करेंगे और चुप नहीं बैठेंगे। यह आंदोलन संपूर्ण भारत में आने वाले समय में किया जा सकता है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एनसीआर और दिल्ली से पैरामिलिट्री फोर्स के 200 से ज्यादा लोग एकत्रित हुए। जिन लोगों को सूचना मिली वे अपनी भावनाओं के साथ प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में साथ थे। 

इस अवसर पर कोर कमेटी से आए सत्यवीर सिंह चौधरी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा, को ऑर्डिनेटर रामेंद्र सिंह सेठी, कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार व सुखचंद कादियान मौजूद रहे।