मनीष सिसोदिया का सीबीआई रिमांड समाप्त

नई दिल्ली, 6 मार्च। वाइन पॉलिसी मामले में गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई आज यानी दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी। यहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। 4 मार्च को कोर्ट ने सिसोदिया का सीबीआई रिमांड दो दिन (6 मार्च) के लिए बढ़ाया था, जो आज पूरी हो गया। सीबीआई ने कोर्ट से तीन दिन के लिए उनकी कस्टडी मांगी थी।
सिसोदिया की जमानत पर कोर्ट 10 मार्च दोपहर 2 बजे फैसला सुनाएगा। सीबीआई ने उन्हें 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। 27 को उनकी कोर्ट में पेशी हुई, यहां से सिसोदिया को 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया था।
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में ये दलीलें दी गईं...
सीबीआई- सिसोदिया की रिमांड तीन दिन बढ़ाई जाए।
कोर्ट- क्यों? अब क्या बाकी रह गया?
सीबीआई- मनीष सिसोदिया से रोजाना रात 8 बजे तक पूछताछ हो रही है, लेकिन वो जांच में सहयोग नहीं कर रहे। उनसे कई सवालों के जवाब लेने हैं, इसके अलावा मामले के कुछ गवाहों से उनका आमना-सामना कराना है।
सिसोदिया के एडवोकेट दयान कृष्णन- रिमांड नहीं दी जाए। सीबीआई रिमांड इस आधार पर नहीं मांग सकती कि हम जांच में सहयोग नहीं कर रहे। पहली बार इस आधार पर रिमांड देना ही काफी था, अब दी गई तो यह अति होगी।
कोर्ट-अगर आपको लगता है कि रिमांड देना गलत था तो उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देनी चाहिए थी।
सिसोदिया के दूसरे वकील मोहित माथुर- तीन दिन के रिमांड के बाद तो रिमांड आवेदन में कोई नया तथ्य आना चाहिए था, लेकिन आज भी जांच एजेंसी वही दलील दे रही है, जो पहले दिन दी थी।
कोर्ट- आपको कस्टडी में कोई परेशानी है।
सिसोदिया- मुझे शारीरिक रूप से तो कोई दिक्कत नहीं है। खाना भी वक्त पर मिलता है, लेकिन अधिकारी मुझसे एक ही सवाल बार-बार पूछते हैं। इससे मुझे मानसिक प्रताडऩा महसूस हो रही है। मेरी कोर्ट से अपील है कि मुझे इस प्रताडऩा से बचाया जाए।
कोर्ट - सीबीआई मनीष सिसोदिया की परेशानी पर ध्यान दें।
मैंने इंक्वायरी में पूरा सहयोग किया: सिसोदिया
3 मार्च को सिसोदिया ने निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में उन्होंने लिखा कि सीबीआई की पूछताछ में उन्होंने सहयोग किया है। जब भी उन्हें बुलाया गया, वे आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कस्टडी में रखने के पीछे अब कोई उचित कारण नहीं है, क्योंकि सारी रिकवरी सीबीआई ने कर ही ली।

