दिल्ली सरकार ने जी-20 की तैयारियों के लिए केंद्र सरकार से मांगा फंड

नई दिल्ली, 04 फरवरी। राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शनिवार को पत्र लिखकर अतिरिक्त फंड की मांग की है। दो पन्ने के पत्र में उन्होंने लिखा है कि यह देश के लिए खुशी की बात है कि इस बार जी-20 बैठक की मेजबानी भारत कर रहा है। दिल्ली वालों के लिए और भी खुशी की बात है कि जी-20 की अधिकतम महत्वपूर्ण गतिविधियां दिल्ली में ही होने जा रही है। सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि जी-20 की इस बैठक के आयोजन को सफल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार भारत सरकार के साथ पूरा सहयोग करेगी। जी-20 की बैठक के दौरान जो अंतरराष्ट्रीय मेहमान हमारे यहां आएं उनकी मेजबानी में कोई कमी ना हो और साथ ही साथ 21वीं सदी के भारत की राजधानी के रूप में दिल्ली से अविस्मरणीय यादें लेकर लौटें। इसकी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए जो योजना बनाई गई है उनके लिए दिल्ली सरकार को 927 करोड़ रुपये की जरूरत है। सिसोदिया ने लिखा है कि दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना भी निरंतर इन प्रयासों की समीक्षा कर रहे हैं। जी 20 की तैयारियों के लिए इन सभी प्रयासों और कार्यक्रमों को उपराज्यपाल ने सहमति दी है। उन्होंने लिखा है कि भारत सरकार की ओर से दिल्ली सरकार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में कोई पैसा नहीं दिया जाता है। दिल्ली सरकार को भारत सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त ग्रांट दी जाती है। उन्होंने लिखा कि यहां तक कि देश के सभी राज्यों के नगर निगमों को वहां की जनसंख्या के अनुसार दी जाने वाली राशि भी दिल्ली नगर निगम को नहीं दी जाती है। ऐसे में जाहिर है कि अपने नियमित सीमित संसाधनों से दिल्ली सरकार के लिए 927 करोड़ रुपया तैयारियों के लिए खर्च करना आसान नहीं होगा। इसलिए वह 927 केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराएं, जिससे दिल्ली सरकार को इन सभी योजनाओं और कार्यक्रम को निर्बाध रूप से लागू करने में मदद मिले।

