दिल्ली को मिला एक और विश्वस्तरीय स्कूल
Mar 28, 2023, 15:53 IST

नई दिल्ली, 28 मार्च। दिल्ली में हर तबके के बच्चों को शानदार शिक्षा देने की श्रृंखला में मंगलवार को शिक्षा मंत्री आतिशी ने मॉडल टाउन विधानसभा के राणा प्रताप बाग में बना डॉ. बी.आर.अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस को दिल्लीवासियों को समर्पित किया। स्कूल उद्घाटन के अवसर पर शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा, राणा प्रताप बाग का ये स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस दिल्ली के बेहतरीन स्कूलों में से एक है।
इसमें उपलब्ध सुविधाएं इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार है जिससे गरीब से गरीब तबके से आने वाले बच्चो के लिए भी विश्वस्तरीय शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल उद्घाटन के इस अवसर पर आतिशी के साथ स्थानीय विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी समेत शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
आतिशी ने कहा कि,इस इलाके में कोई प्राइवेट स्कूल भी इतना शानदार नही होगा जितना शानदार यह सरकारी स्कूल बन कर तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल में अरविंद केजरीवाल की सरकार बनने से पहले देश के लोगों में सरकारी स्कूल को लेकर एक अलग तरह की अवधारना थी। पहले ऐसे माना जाता था कि जिसके पास भी पैसा है वो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में भेजेगा और उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी और जिसके पास पैसा नहीं है वो अपने बच्चों को मज़बूरी में सरकारी स्कूलों में भेजेगा।
उन्होंने ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के शिक्षा को लेकर जो विजन है उससे दिल्ली के माता-पिता की सरकारी स्कूलों के प्रति अवधारणा बदली है। आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों देश और विदेशों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
आतिशी ने कहा कि 2015 से पहले प्राइवेट स्कूलों के बाहर एडमिशन की लंबी- लंबी लाइन लगा करती थी लेकिन तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के दूरदर्शिता के कारण ही आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बाहर लंबी लाइन लगती है। इसका उदाहरण है कि स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में 4400 सीटों के लिए एडमिशन खुलता है तो दिल्ली के 92000 बच्चे उसके लिए अप्लाई करते है।
स्कूल की विशेषताएं
राणा प्रताप बाग़ में बना ये स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस ह्युमैनिटीज़ डोमेन का स्पेशलाइज्ड स्कूल होगा। स्कूल की क्षमता 400 विद्यार्थियों की है। स्कूल में शानदार क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, मल्टीपर्पस हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाएँ मौजूद है।
दिल्ली में जल्द ही हो जाएंगे 46 एक्सीलेंस स्कूल
दिल्ली सरकार की योजना 2023-24 में 37 भवनों में 46 डॉ बी आर अम्बेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (एसओएसई) बनाकर समर्पित करने की है। जहां करीब 10 हजार छात्र दाखिला ले सकेंगे। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए एसओएसई में लगभग 4400 सीटों के लिए दिल्ली सरकार को 92 हजार छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इसमें उपलब्ध सुविधाएं इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार है जिससे गरीब से गरीब तबके से आने वाले बच्चो के लिए भी विश्वस्तरीय शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल उद्घाटन के इस अवसर पर आतिशी के साथ स्थानीय विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी समेत शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
आतिशी ने कहा कि,इस इलाके में कोई प्राइवेट स्कूल भी इतना शानदार नही होगा जितना शानदार यह सरकारी स्कूल बन कर तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल में अरविंद केजरीवाल की सरकार बनने से पहले देश के लोगों में सरकारी स्कूल को लेकर एक अलग तरह की अवधारना थी। पहले ऐसे माना जाता था कि जिसके पास भी पैसा है वो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में भेजेगा और उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी और जिसके पास पैसा नहीं है वो अपने बच्चों को मज़बूरी में सरकारी स्कूलों में भेजेगा।
उन्होंने ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के शिक्षा को लेकर जो विजन है उससे दिल्ली के माता-पिता की सरकारी स्कूलों के प्रति अवधारणा बदली है। आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों देश और विदेशों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
आतिशी ने कहा कि 2015 से पहले प्राइवेट स्कूलों के बाहर एडमिशन की लंबी- लंबी लाइन लगा करती थी लेकिन तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के दूरदर्शिता के कारण ही आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बाहर लंबी लाइन लगती है। इसका उदाहरण है कि स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में 4400 सीटों के लिए एडमिशन खुलता है तो दिल्ली के 92000 बच्चे उसके लिए अप्लाई करते है।
स्कूल की विशेषताएं
राणा प्रताप बाग़ में बना ये स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस ह्युमैनिटीज़ डोमेन का स्पेशलाइज्ड स्कूल होगा। स्कूल की क्षमता 400 विद्यार्थियों की है। स्कूल में शानदार क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी, मल्टीपर्पस हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाएँ मौजूद है।
दिल्ली में जल्द ही हो जाएंगे 46 एक्सीलेंस स्कूल
दिल्ली सरकार की योजना 2023-24 में 37 भवनों में 46 डॉ बी आर अम्बेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (एसओएसई) बनाकर समर्पित करने की है। जहां करीब 10 हजार छात्र दाखिला ले सकेंगे। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए एसओएसई में लगभग 4400 सीटों के लिए दिल्ली सरकार को 92 हजार छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

