स्थान बदलने से नहीं रुकी युवाओं की आवाज़, देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ ने दिया मजबूत संदेश : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़/देहरादून, 18 जुलाई।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य तथा उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि देहरादून में आयोजित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं की आवाज़ को प्रशासनिक फैसलों या कार्यक्रम स्थल बदलने जैसे प्रयासों से दबाया नहीं जा सकता। सांसद ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद हजारों छात्र-युवा कार्यक्रम में पहुंचे और अपने भविष्य, शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कार्यक्रम का स्थान अंतिम समय में बदले जाने के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इससे साफ है कि देश का युवा शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, रोजगार और अपने भविष्य को लेकर गंभीर है तथा अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा छात्रों और युवाओं की आवाज़ को प्राथमिकता देती रही है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि आज देश का एक बड़ा युवा वर्ग अपनी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर देख रहा है और उनसे शिक्षा, रोजगार तथा युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपेक्षा रखता है।
कि आज देश के लाखों-करोड़ों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय, मेहनत और परिवार की जमा-पूंजी लगा देते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद होना अत्यंत आवश्यक है। यदि पेपर लीक और अनियमितताओं जैसी घटनाएं होती हैं तो इससे युवाओं का मनोबल टूटता है और पूरे परिवार पर गहरा मानसिक व आर्थिक प्रभाव पड़ता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान नीट परीक्षा से जुड़े मामले में दिवंगत छात्रा रिया कुमारी के पिता द्वारा अपनी पीड़ा साझा करना अत्यंत भावुक क्षण था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं और भविष्य में किसी भी छात्र-छात्रा के साथ ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के बेहतर भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। देहरादून से उठी ‘छात्रों की गूंज’ केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देशभर के युवाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों की आवाज़ बनेगी।
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पुरानी योजनाओं को नई सौगात बताकर हरियाणा की जनता को गुमराह किया गया : कुमारी सैलजा
प्रधानमंत्री के दौरे से नई परियोजनाओं की उम्मीद थी, लेकिन हरियाणा को कोई नई बड़ी घोषणा नहीं मिली
चंडीगढ़, 18 जुलाई।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे से प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीदें थीं। लोगों को विश्वास था कि हरियाणा को नई औद्योगिक परियोजनाएं, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई तथा आधारभूत ढांचे से जुड़े नए विकास कार्यों की घोषणा मिलेगी। लेकिन कार्यक्रम के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अधिकांश घोषणाएं पहले से स्वीकृत, प्रगति पर चल रही अथवा पूर्व में घोषित योजनाओं से संबंधित थीं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न पुरानी योजनाओं और परियोजनाओं की लागत को जोड़कर इसे लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की नई सौगात के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जबकि इनमें से अनेक योजनाओं पर वर्षों से कार्य चल रहा है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि वास्तव में इस दौरे के दौरान हरियाणा के लिए कौन-सी नई परियोजनाएं स्वीकृत की गईं और किन नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया गया।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी विकास कार्य का स्वागत करती है, चाहे वह किसी भी सरकार द्वारा किया जाए। लेकिन विकास के नाम पर तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना उचित नहीं है। जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखी जानी चाहिए ताकि विकास के दावों और धरातल की सच्चाई में अंतर स्पष्ट हो सके। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा आज बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, उद्योगों में निवेश की सुस्ती तथा शहरी और ग्रामीण आधारभूत ढांचे जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में प्रदेश को नई और दूरगामी परियोजनाओं की आवश्यकता थी, जिनसे युवाओं को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि केंद्र और राज्य सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि प्रधानमंत्री के इस दौरे में हरियाणा को कौन-कौन सी नई स्वीकृतियां मिलीं, कितनी नई धनराशि आवंटित की गई और इन परियोजनाओं के पूरा होने की समय-सीमा क्या होगी। लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है तथा जनता को सही जानकारी मिलनी चाहिए।

