जब हर नागरिक कहेगा कि देश के लिए मेरा भी योगदान है, तभी होगी भारत की प्रगति : नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 25 अक्टूबर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज अधिकारों की चर्चा तो बहुत होती है, लेकिन कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर अपेक्षाकृत कम चर्चा होती है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हमारे अधिकार क्या हैं, हमारा दायित्व क्या है और एक नागरिक के रूप में हमारी जिम्मेदारी क्या है। उन्होंने कहा कि ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विचार-विमर्श के लिए एकत्र होना अपने आप में एक सार्थक पहल है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को चंडीगढ़ में पंचनद शोध संस्थान द्वारा आयोजित 33वां वार्षिक व्याख्यान पूर्व-लोकमंथन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पंचनद शोध संस्थान को 11 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान में मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया था, लेकिन लंबे समय तक अधिकारों पर अधिक और कर्तव्यों पर कम चर्चा होती रही।
उन्होंने कहा कि हमारे संविधान की प्रस्तावना के पहले शब्द हैं-हम, भारत के लोग। ये शब्द हमें बताते हैं कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार जनता है। संविधान हमें अधिकार देता है, हमारी स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करता है। साथ ही, वह हमसे यह अपेक्षा भी करता है कि हम देश, समाज और एक-दूसरे के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएं।
उन्होंने कहा कि दायित्व का पहला रूप है-संविधान और संस्थाओं का सम्मान करना। हमारा लोकतंत्र विविध विचारों, अनेक भाषाओं, अलग-अलग परंपराओं और अनेक समुदायों को साथ लेकर चलता है। असहमति लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है। लेकिन, असहमति के बीच भी संवाद, मर्यादा और कानून के प्रति सम्मान बना रहना चाहिए। हमारे मत अलग हो सकते हैं, पर राष्ट्रहित में हमारा संकल्प एक होना चाहिए।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव एवं आयोजक डॉ. सच्चिदानंद जोशी, पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह, डॉयरेक्टर भोला राम गुर्जर, विक्रम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ़ राज नेहरू अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

