पाकिस्तान को अमेरिकी खुफिया प्रमुख ने बताया खतरा, भारत ने कहा-इतिहास इसकी गवाही देता है
Mar 19, 2026, 20:03 IST

नई दिल्ली, 19 मार्च भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को लेकर दुनिया को आगाह किया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान का इतिहास परमाणु हथियारों के प्रसार का रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का यह बयान अमेरिकी खुफिया एजेंसी की प्रमुख की तरफ से पाकिस्तान से संभावित खतरे को लेकर दिए गए बयान पर आया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में एक प्रश्न के उत्तर में पड़ोसी देश पर निशाना साधा। उन्होंने पाकिस्तान के गुप्त परमाणु प्रसार के दस्तावेजी इतिहास पर प्रकाश डाला और कहा कि पाकिस्तान का गुप्त परमाणु प्रसार का इतिहास रहा है और इस तरह के बयान एक बार फिर यह स्पष्ट करते हैं कि उनके गुप्त परमाणु अभियानों के कारण वे दुनिया के लिए किस तरह का खतरा पैदा करते हैं।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया (डीएनआई) के निदेशक के रूप में तुलसी गैबार्ड ने सीनेट की खुफिया मामलों की चयन समिति (एसएससीआई) के समक्ष बयान दिए। उन्होंने अमेरिका को होने वाले खतरे का आकलन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि खुफिया विभाग का आकलन है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई प्रकार की नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं, जो हमारी धरती को खतरे की सीमा में ला सकती हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में एक प्रश्न के उत्तर में पड़ोसी देश पर निशाना साधा। उन्होंने पाकिस्तान के गुप्त परमाणु प्रसार के दस्तावेजी इतिहास पर प्रकाश डाला और कहा कि पाकिस्तान का गुप्त परमाणु प्रसार का इतिहास रहा है और इस तरह के बयान एक बार फिर यह स्पष्ट करते हैं कि उनके गुप्त परमाणु अभियानों के कारण वे दुनिया के लिए किस तरह का खतरा पैदा करते हैं।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया (डीएनआई) के निदेशक के रूप में तुलसी गैबार्ड ने सीनेट की खुफिया मामलों की चयन समिति (एसएससीआई) के समक्ष बयान दिए। उन्होंने अमेरिका को होने वाले खतरे का आकलन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि खुफिया विभाग का आकलन है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई प्रकार की नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं, जो हमारी धरती को खतरे की सीमा में ला सकती हैं।

