विशेष सत्रों को लेकर पंजाब विधानसभा में हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने जताई आपत्ति
May 1, 2026, 14:00 IST

चंडीगढ़, 01 मई पंजाब
विधानसभा में शुक्रवार को सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष
प्रताप बाजवा ने विधानसभा के विशेष सत्रों के आयोजन पर सवाल उठाया। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री
भगवंत मान तथा प्रताप बाजवा में बहस हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायकों के सदन में
बैठने के तरीके तथा मोबाइल फोन इस्तेमाल को लेकर हंगामा हो गया।
सदन की कार्यवाही
शुरू होते ही प्रताप बाजवा ने कहा कि वर्ष 2022 से लेकर आज तक 8 विशेष सत्रों का
आयोजन किया गया है। इन सत्रों में कभी भी प्रश्नकाल या शून्यकाल आयोजित नहीं हुए।
बाजवा ने कहा कि अधिकतर सत्रों की व्यवहारिकता नहीं रही। इस पर पलटवार करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बेअदबी संबंधी कानून विशेष सत्र के दौरान ही
बनाया गया था। आनंदपुर साहिब में भी विशेष सत्र का आयोजन किया गया था।
नेता प्रतिपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में मानसून सत्र अधिक समय तक चलाया जाएगा, जिसमें सभी विधायकों को अधिक से अधिक सवाल उठाने
का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान
ने कांग्रेस के एक विधायक के सदन में फोन चलाने पर आपत्ति जताई। इसे लेकर कांग्रेस
और आम आदमी पार्टी के विधायकों में तीखी बहस हो गई। सत्ता पक्ष की तरफ से एक
मंत्री ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के सदन के भीतर बैठने के तरीके पर आपत्ति
जताते हुए कहा कि यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इस मुद्दे पर सदन में विवाद बढ़ गया। कांग्रेस
विधायकों ने सत्ता पक्ष के विधायकों पर भी मोबाइल इस्तेमाल का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने
कांग्रेस विधायकों पर निशाना साधते हुए स्पीकर से कहा कि इन विधायकों से पूछा जाए
कि सदन में क्या बोला गया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के पैर
पर पैर रखकर बैठने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि खैहरा उनकी बेटी के स्कूल में पढ़ाए जाने
पर विवादित कटाक्ष करते हैं। इस मुद्दे पर सदन में करीब दस मिनट तक हंगामा चलता
रहा।
विधानसभा में शुक्रवार को सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष
प्रताप बाजवा ने विधानसभा के विशेष सत्रों के आयोजन पर सवाल उठाया। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री
भगवंत मान तथा प्रताप बाजवा में बहस हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायकों के सदन में
बैठने के तरीके तथा मोबाइल फोन इस्तेमाल को लेकर हंगामा हो गया।
सदन की कार्यवाही
शुरू होते ही प्रताप बाजवा ने कहा कि वर्ष 2022 से लेकर आज तक 8 विशेष सत्रों का
आयोजन किया गया है। इन सत्रों में कभी भी प्रश्नकाल या शून्यकाल आयोजित नहीं हुए।
बाजवा ने कहा कि अधिकतर सत्रों की व्यवहारिकता नहीं रही। इस पर पलटवार करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बेअदबी संबंधी कानून विशेष सत्र के दौरान ही
बनाया गया था। आनंदपुर साहिब में भी विशेष सत्र का आयोजन किया गया था।
नेता प्रतिपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में मानसून सत्र अधिक समय तक चलाया जाएगा, जिसमें सभी विधायकों को अधिक से अधिक सवाल उठाने
का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान
ने कांग्रेस के एक विधायक के सदन में फोन चलाने पर आपत्ति जताई। इसे लेकर कांग्रेस
और आम आदमी पार्टी के विधायकों में तीखी बहस हो गई। सत्ता पक्ष की तरफ से एक
मंत्री ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के सदन के भीतर बैठने के तरीके पर आपत्ति
जताते हुए कहा कि यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इस मुद्दे पर सदन में विवाद बढ़ गया। कांग्रेस
विधायकों ने सत्ता पक्ष के विधायकों पर भी मोबाइल इस्तेमाल का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने
कांग्रेस विधायकों पर निशाना साधते हुए स्पीकर से कहा कि इन विधायकों से पूछा जाए
कि सदन में क्या बोला गया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के पैर
पर पैर रखकर बैठने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि खैहरा उनकी बेटी के स्कूल में पढ़ाए जाने
पर विवादित कटाक्ष करते हैं। इस मुद्दे पर सदन में करीब दस मिनट तक हंगामा चलता
रहा।

