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सोनीपत में दो करोड़ रंगदारी बाद फायरिंग, मुठभेड़ में दो बदमाश काबू

 
  सोनीपत में दो करोड़ रंगदारी बाद फायरिंग, मुठभेड़ में दो बदमाश काबू

सोनीपत, 11 सितंबर । सोनीपत
में दो करोड़ की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के बाद खरखौदा
में खांडा रोड स्थित कार्यालय पर फायरिंग करने वाले दो युवकों काे पुलिस ने बीती रात मुठभेड़ के बाद काबू कर लिया। हरसाना गांव की सीमा में गुरुवार की रात को राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी पर हुई
मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। घायल आरोपियों
की पहचान भटाना निवासी, हाल सोनीपत निवासी अंकित और लहराड़ा निवासी हर्ष के रूप में
हुई है। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरखौदा में भर्ती कराया गया।
एसीपी राजपाल सिंह ने बताया कि बीती रात खरखौदा के वार्ड नंबर-1 निवासी दीपक के
मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को नंदू के मुकदमे में बताया और दो करोड़
रुपये की रंगदारी मांगी। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। अगली
कॉल में रकम देने की जगह बताने की बात कही गई। धमकी के करीब आधे घंटे बाद खांडा रोड
स्थित दीपक के कार्यालय पर फायरिंग कर दी गई।
कार्यालय में रहने वाले अजय ने फोन कर
दीपक को इसकी जानकारी दी। बताया गया कि बिना नंबर प्लेट की काले रंग की बजाज सिटी-100
बाइक पर लाल पट्टी लगी थी। इसी बाइक पर दो युवक आए और गोलियां चलाकर फरार हो गए। पुलिस
को मौके पर गेट और दीवार पर गोलियों के निशान मिले। एक खाली खोल भी बरामद हुआ। एफएसएल
टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
फायरिंग के बाद विशेष एंटी गैंगस्टर इकाई ने बाइक सवारों का पीछा शुरू किया। लोकेशन और संभावित
रास्तों के आधार पर हरसाना गांव की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग-334 बी पर घेराबंदी
की गई। पुलिस के अनुसार, रोकने का प्रयास करने पर दोनों युवकों ने टीम पर फायरिंग कर
दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही काबू कर लिया
गया। सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन देसी पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही बिना
नंबर की बाइक बरामद की है। पुलिस हथियारों और खाली खोल की जांच कर रही है। साथ ही आसपास
के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि रंगदारी मांगने वाले आरोपियों
का वास्तव में किसी गिरोह से संबंध है या उन्होंने डर पैदा करने के लिए नंदू गिरोह
के नाम का इस्तेमाल किया। दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड, आपसी संपर्क और किसी अन्य व्यक्ति
की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस रंगदारी की धमकी, कार्यालय पर फायरिंग और
मुठभे की पूरी कड़ी जोड़कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।