'आदि कर्मयोगी अभियान' के तहत जनजातीय प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
Aug 18, 2025, 19:50 IST

नई दिल्ली, 18 अगस्त देश के विभिन्न राज्यों से आए विशिष्ट जनजातीय प्रतिनिधियों के एक दल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सोमवार को राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट की। ये प्रतिनिधि जनजातीय कार्य मंत्रालय की पहल ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत यहां पहुंचे थे।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर, प्रकृति-प्रेम से ओतप्रोत जीवनशैली और पारंपरिक ज्ञान की सराहना करते हुए कहा कि हमें इन समुदायों की अमूल्य विरासत को संजोकर रखना होगा। यह आवश्यक है कि हम जनजातीय समाज के लोगों को राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में उचित सम्मान और गरिमा के साथ जोड़ें, ताकि वे सक्रिय भागीदार बन सकें।
राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समाज का प्रकृति के साथ संतुलन और सामंजस्य अद्वितीय है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने इस अभियान को जनजातीय युवाओं के लिए सशक्तीकरण का एक सकारात्मक माध्यम बताया। उल्लेखनीय है कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर, प्रकृति-प्रेम से ओतप्रोत जीवनशैली और पारंपरिक ज्ञान की सराहना करते हुए कहा कि हमें इन समुदायों की अमूल्य विरासत को संजोकर रखना होगा। यह आवश्यक है कि हम जनजातीय समाज के लोगों को राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में उचित सम्मान और गरिमा के साथ जोड़ें, ताकि वे सक्रिय भागीदार बन सकें।
राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समाज का प्रकृति के साथ संतुलन और सामंजस्य अद्वितीय है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने इस अभियान को जनजातीय युवाओं के लिए सशक्तीकरण का एक सकारात्मक माध्यम बताया। उल्लेखनीय है कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है।

