ग्रामीण विकास को नई गति देगा प्रशिक्षित नेतृत्व : डॉ. चौहान

नीलोखेड़ी 02 अगस्त हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा कार्यकारी अभियंता, उपमंडल अभियंता के लिए आयोजित छह दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा संस्थान परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रशिक्षित एवं सशक्त खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ही विकसित हरियाणा के ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब अधिकारी नवीन तकनीकों, बेहतर प्रशासनिक दक्षता तथा सुशासन की अवधारणाओं से निरंतर स्वयं को अद्यतन रखें। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों के ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की दक्षता को सुदृढ़ करते हैं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में पारदर्शिता, नवाचार और जनभागीदारी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर अधिकारी ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जवाबदेह बना सकते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल प्रशासनिक कार्यकाल की कामना की।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं संस्थान के सहायक आचार्य संदीप कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास, पंचायत प्रशासन, सुशासन, नेतृत्व क्षमता, वित्तीय प्रबंधन, विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक नवाचारों से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक सत्रों एवं अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रतिभागियों की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
समापन अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान , हैदराबाद से पधारी अनुराधा पल्ला एवं सत्यप्रभा सहित संस्थान के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र वितरित किए। इसके उपरांत संस्थान परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
इस अध्ययन भ्रमण में हरियाणा एवं राजस्थान से आए प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों में सुशीला (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, अलवर), अभिषेक कार्यकारी अभियंता, जिला परिषद, कैथल), सुरेश चंद (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, करौली, राजस्थान), ईश्वरेंद्र ,उपमंडल अभियंता बेरी, झज्जर), सुनीता कुमावत (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सीकर, राजस्थान) सहित अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर ग्राम सचिव रविंद्र यादव, कार्यकारी अभियंता अंकित वर्मा, कनिष्ठ अभियंता अमनदीप, सरपंच विक्रम अटवान, कवरजीत, जगदीश सांगवान, जसविंदर पंवार, कृष्ण पटवारी, बलजिंदर राव तथा ग्राम पंचायत अटवान के अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

