Pal Pal India

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप, छह सूत्रीय मांगपत्र किया जारी

  राम मंदिर चंदा घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो, आस्था के साथ हुए कथित विश्वासघात पर प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें - शक्ति सिंह गोहिल
 
 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप, छह सूत्रीय मांगपत्र किया जारी 

 चंडीगढ़, 10 जुलाई

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने आज हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अयोध्या राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह विषय करोड़ों रामभक्तों की आस्था, विश्वास और श्रद्धा से जुड़ा हुआ है तथा इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भगवान श्रीराम, सनातन धर्म और राम मंदिर का पूरा सम्मान करती है। भगवान श्रीराम मर्यादा, सत्य, न्याय और आदर्श शासन के प्रतीक हैं। इसलिए कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे प्रश्न किसी धर्म या आस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि रामभक्तों की आस्था के साथ हुए कथित विश्वासघात के संबंध में हैं।
शक्ति सिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की कथित चोरी कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर गंभीर आघात है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 दिनों में सीसीटीवी कैमरों में 70 चोरी की घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से एक संगठित तरीके से यह कार्य होता रहा। उन्होंने कहा कि मंदिर उद्घाटन के बाद से हुई कथित चोरियों का कोई समुचित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है क्योंकि सीसीटीवी फुटेज केवल 45 दिनों तक सुरक्षित रखी जाती है और उसका बैकअप भी नहीं लिया जाता।
उन्होंने कहा कि हाल ही में करीब 80 लाख रुपये बरामद होने की खबरों ने इस पूरे मामले पर और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामूली वेतन पाने वाले कर्मचारी द्वारा अल्प समय में करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के मामले भी सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई बहुमूल्य सामग्री का कोई पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं रखा गया। उन्होंने दावा किया कि सिंधी समाज द्वारा दान की गई चांदी की ईंटें, व्यापारियों द्वारा दी गई सोने की ईंटें, महिलाओं के चांदी के आभूषण तथा कारसेवकों द्वारा समर्पित रामशिलाएं गायब हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमाएं भी अपने मूल स्थान से हटा दी गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े भूमि खरीद मामलों में भी गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुईं। साथ ही कहा कि जब कुछ कर्मचारियों ने कथित गड़बड़ियों की शिकायत की तो उनकी शिकायतों की जांच करने के बजाय उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
शक्ति सिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि घोटाले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे इस पूरे मामले को और संदेहास्पद बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, दान की गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा संदिग्ध कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश किए जाने के बावजूद उस पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। साथ ही आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर रखकर पारदर्शिता से बचने का प्रयास किया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्यक्रमों का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री को अब इस कथित घोटाले पर भी अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं को अयोध्या जाने से रोककर सच सामने आने से रोका जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि
एसआईटी जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए।
विश्वसनीयता खो चुके राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए।
कथित घोटाले में शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मंदिर निर्माण से अब तक प्राप्त चंदे, चढ़ावे, सोने और चांदी का स्वतंत्र एवं पारदर्शी ऑडिट कराया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर देश के सामने अपनी चुप्पी तोड़ें और आस्था के साथ हुए कथित विश्वासघात पर माफी मांगें।
पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए।
अंत में शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाती रहेगी और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होने तक अपनी आवाज बुलंद रखेगी।

इस वार्ता के दौरान  प्रदेश  कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह,सह प्रभारी श्री जितेंद्र बघेल, मीडिया इंचार्ज संजीव भारद्वाज, महिला कांग्रेस चेयरपर्सन पर्ल चौधरी तथा सोशल मीडिया की अध्यक्ष मोनिका डुमरा उपस्थित थे।