भाजपा सरकार ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर संकट में धकेला, निजीकरण की ओर बढ़ाए जा रहे कदम : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़ 30 जून ।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी.) की सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने सरकारी शिक्षा को गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार सुनियोजित तरीके से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर उसे निजी हाथों में सौंपने का रास्ता तैयार कर रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में सामने आए आधिकारिक आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 5,573 वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षक पद (26.2 प्रतिशत), 8,449 प्राथमिक शिक्षक पद (14 प्रतिशत) तथा 2,413 माध्यमिक शिक्षक पद (12.2 प्रतिशत) वर्षों से रिक्त पड़े हैं। शिक्षक भर्ती में लगातार देरी का खामियाजा लाखों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि प्रदेश में 968 सरकारी प्राथमिक विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि 22.1 प्रतिशत विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात निर्धारित मानकों से भी खराब हो चुका है। यह स्थिति शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) की भावना के भी विपरीत है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में भी सरकार पूरी तरह विफल रही है। आज भी 63 बस्तियां प्राथमिक विद्यालय, 112 बस्तियां उच्च प्राथमिक विद्यालय, 132 गांव माध्यमिक विद्यालय तथा 215 गांव वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से वंचित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के साथ यह खुला अन्याय है। सांसद ने कहा कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के दावों के बावजूद 691.88 करोड़ रुपये के विकास कार्य लंबित पड़े हैं। जब विद्यालयों में शिक्षक नहीं होंगे, भवन अधूरे होंगे और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो प्रदेश के बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का पूरा ध्यान केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और विज्ञापन तक सीमित रह गया है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत विषय लगातार उपेक्षित किए जा रहे हैं। सरकार सरकारी संस्थानों को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा देने की नीति पर काम करती दिखाई दे रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट नीति है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त संख्या में नियमित शिक्षक नियुक्त किए जाएं, रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती हो, लंबित विकास कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं तथा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाने के बजाय इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सांसद ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हो रही यह लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और सरकार को तत्काल ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने चाहिए।

