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# सस्टेनेबल फैशन, अपसाइक्लिंग और जीरो वेस्ट : पर्यावरण संरक्षण के साथ रचनात्मक डिजाइनिंग

 *पुराने कपड़ों को नया जीवन देकर फैशन उद्योग में रोजगार, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण की नई संभावनाएं*
 
 # सस्टेनेबल फैशन, अपसाइक्लिंग और जीरो वेस्ट : पर्यावरण संरक्षण के साथ रचनात्मक डिजाइनिंग

 # फैशन डिजाइनिंग लेखमाला : भाग–23

*लेखिका : कंचन मेहता*
एम.ए. फैशन डिजाइनिंग, इंस्ट्रक्टर, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा

आज फैशन उद्योग में सुंदरता, आधुनिकता और आकर्षक परिधानों के साथ पर्यावरण संरक्षण भी एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। बदलते फैशन के कारण बड़ी मात्रा में कपड़ों का उत्पादन और उपयोग होता है। पुराने परिधानों को जल्दी त्याग देने की प्रवृत्ति से वस्त्र अपशिष्ट बढ़ता है। ऐसे में सस्टेनेबल फैशन, अपसाइक्लिंग और जीरो वेस्ट जैसी अवधारणाएं फैशन डिजाइनिंग को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

### सस्टेनेबल फैशन क्या है?

सस्टेनेबल फैशन अर्थात टिकाऊ एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार फैशन। इसका उद्देश्य ऐसे परिधान तैयार करना है जिनके निर्माण, उपयोग और निपटान के दौरान प्राकृतिक संसाधनों पर कम से कम प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

इसमें कपड़े की गुणवत्ता, टिकाऊपन, पानी और ऊर्जा की बचत, पर्यावरण अनुकूल सामग्री तथा श्रमिकों की उचित कार्य परिस्थितियों पर ध्यान दिया जाता है। जैविक कपास, पुनर्चक्रित फाइबर और लंबे समय तक उपयोग किए जा सकने वाले परिधान इसके महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।

### अपसाइक्लिंग : पुराने कपड़ों से नए डिजाइन

अपसाइक्लिंग का अर्थ पुरानी अथवा अनुपयोगी वस्तुओं को रचनात्मक तरीके से नए और उपयोगी उत्पादों में बदलना है। इसमें कपड़ों को केवल दोबारा उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि डिजाइन और सजावट के माध्यम से उनका महत्व भी बढ़ाया जाता है।

उदाहरण के लिए पुरानी जींस से आकर्षक बैग, डेनिम जैकेट, बच्चों के परिधान अथवा घरेलू सजावट की वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। पुरानी साड़ियों से कुर्ती, स्कर्ट, दुपट्टे और डिजाइनर ड्रेस तैयार की जा सकती हैं।

फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों के लिए अपसाइक्लिंग रचनात्मकता विकसित करने का अच्छा माध्यम है। इससे कम लागत में नए डिजाइन बनाने और स्वरोजगार शुरू करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

### जीरो वेस्ट फैशन की अवधारणा

जीरो वेस्ट फैशन का उद्देश्य परिधान निर्माण के दौरान कपड़े की बर्बादी को न्यूनतम करना है। सामान्य कटिंग प्रक्रिया में कपड़े के छोटे-बड़े टुकड़े बच जाते हैं। जीरो वेस्ट डिजाइनिंग में पैटर्न इस प्रकार विकसित किए जाते हैं कि कपड़े का अधिकतम उपयोग हो सके।

बचे हुए टुकड़ों से पैचवर्क, एप्लिक, पर्स, हेयर बैंड और अन्य उपयोगी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। इसके लिए सही माप, पैटर्न प्लानिंग और कटिंग तकनीक का ज्ञान आवश्यक है।

### विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण

फैशन डिजाइनिंग के द्वितीय छह माह के पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को सस्टेनेबल फैशन से संबंधित प्रोजेक्ट दिए जा सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी किसी पुराने परिधान का चयन करके उससे नया डिजाइन तैयार करे। साथ ही उपयोग किए गए कपड़े, लागत, डिजाइन प्रक्रिया और बची हुई सामग्री का विवरण भी प्रस्तुत करे।

इस प्रकार विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के साथ डिजाइन विकास, लागत नियंत्रण और उत्पाद निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

### रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं

सस्टेनेबल फैशन के क्षेत्र में डिजाइन स्टूडियो, अपसाइक्लिंग यूनिट, छोटे बुटीक और हस्तनिर्मित उत्पादों के व्यवसाय की संभावनाएं हैं। विद्यार्थी पुराने कपड़ों से उपयोगी उत्पाद बनाकर स्थानीय बाजार और डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं।

*निष्कर्ष*

भविष्य का फैशन केवल नए परिधान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना भी उसकी पहचान बनेगा। सस्टेनेबल फैशन, अपसाइक्लिंग और जीरो वेस्ट की शिक्षा विद्यार्थियों को कुशल डिजाइनर बनाने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार उद्यमी बनने की प्रेरणा देती है।