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पंजाब सीएम के ओएसडी के खिलाफ सुनवाई से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू

 
  पंजाब सीएम के ओएसडी के खिलाफ सुनवाई से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू

नई दिल्ली, 09 अक्टूबर  उच्चतम न्यायालय के जज जस्टिस शील नागू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस नागू पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस रहने के दौरान कई उन मामलों पर सुनवाई कर चुके हैं जो आम आदमी पार्टी से जुड़ी थीं।
इससे पहले 8 अक्टूबर को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने जैसे ही इस मामले पर सुनवाई शुरु की तो जस्टिस दत्ता ने बताया कि जस्टिस नागू के पास केस की फाइलें देर से पहुंची थीं, जिसके कारण उन्हें इसका अध्ययन करने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। इसी वजह से सुनवाई को 9 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया।
पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि मामले की सुनवाई होने तक सीबीआई को किसी भी जल्दबाजी या कड़ी कार्रवाई से रोकने के लिए अंतरिम आदेश दिया जाए। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने फिलहाल ऐसी कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के 5 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें ईडी के इनपुट के आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर भ्रष्टाचार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया गया था। उच्च न्यायालय ने जांच एजेंसी को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।