प्रथम एनुअल डिबेट कप में छात्रों ने उत्कृष्ट शोध, तार्किक चिंतन का किया प्रदर्शन

गुरुग्राम 11 अगस्त स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज एंड लिबरल आर्ट्स (एसएचएसएल) ने स्टूडेंट्स ग्रुप 'टस्कर्स' के सहयोग से 6 अगस्त को एसजीटी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम में प्रथम एनुअल डिबेट कप 2026 का सफल आयोजन किया। यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय में अकादमिक उत्कृष्टता, आलोचनात्मक चिंतन और सार्थक संवाद को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख वार्षिक आयोजन की शुरुआत है।
विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने
समकालीन विषयों पर प्रभावशाली बहस प्रस्तुत की। प्रमुख मुद्दे रहे-
“यह सदन मानता है कि कृत्रिम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां समाप्त करेगी, उससे अधिक नई नौकरियां उत्पन्न करेगी” तथा “यह सदन मानता है कि आर्थिक विकास पर्यावरणीय स्थिरता की कीमत पर कभी नहीं होना चाहिए”। प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट शोध, तार्किक चिंतन, वक्तृत्व कला तथा प्रत्युत्तर कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) शम्मी नागपाल, डीन, स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज एंड लिबरल आर्ट्स एवं स्कूल आफ इमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एंड फिल्म स्टडीज (एसएमसीएफ), द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, तार्किक संवाद और प्रभावी अभिव्यक्ति के विकास में वाद-विवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला।
समापन एवं वैलेडिक्टरी सत्र की शोभा प्रो. (डॉ.) अतुल कुमार नासा, प्रो वाइस-चांसलर, एसजीटी विश्वविद्यालय ने बढ़ाई। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उच्च शिक्षा में आलोचनात्मक चिंतन, जागरूक संवाद और सम्मानजनक बहस के महत्व को रेखांकित किया।
एसजीटीयू एनुअल डिबेटिंग कप की रोलिंग ट्रॉफी अमानी एवं अनिरुद्ध (फैकल्टी ऑफ इंडियन मेडिकल सिस्टम) की सर्वश्रेष्ठ टीम को प्रदान की गई। सर्वश्रेष्ठ वक्ता पुरस्कार पार्थ (स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट) एवं अनिरुद्ध (फैकल्टी ऑफ इंडियन मेडिकल सिस्टम) को प्रदान किया गया। रनर-अप वक्ता पुरस्कार दक्ष एवं शाहीन (स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज एंड लिबरल आर्ट्स) को मिला। सर्वश्रेष्ठ प्रत्युत्तर प्रश्न का पुरस्कार अनुश्रुति (स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एंड फिल्म स्टडीज) तथा सर्वश्रेष्ठ प्रत्युत्तर उत्तर का पुरस्कार अनिरुद्ध (फैकल्टी ऑफ इंडियन मेडिकल सिस्टम ) को प्रदान किया गया।
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी तथा निर्णायकों, संकाय सदस्यों, आयोजकों और स्वयंसेवकों के सहयोग ने इस आयोजन को सफल बनाया और इसे एसजीटी विश्वविद्यालय की एक सशक्त वार्षिक परंपरा बनने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया

