धर्म की स्थापना, सत्य की रक्षा, मानवता के कल्याण के लिए हुआ श्रीराम का जन्म: ललित व्यास

सिरसा। सेक्टर 20 स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के 16 वें स्थापना दिवसर पर जारी राम कथा के चौथे दिन कथा व्यास स्वामी ललित व्यास ने श्रीराम, जानकी के प्राकट्य की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीराम का व जानकी जी का जन्म केवल एक पुत्र या पुत्री के रूप में नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना, सत्य की रक्षा और मानवता के कल्याण के लिए हुआ था। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा। उन्होंने बताया कि राम का जीवन आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श राजा के रूप में समस्त समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कथा के दौरान माता सीता के प्राकट्य का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। कथावाचक ने कहा कि जब मिथिला में लंबे समय तक वर्षा नहीं हुई और भीषण
अकाल पड़ गया, तब राजा जनक स्वयं हल लेकर भूमि जोतने के लिए निकले। उसी समय धरती की गोद से एक दिव्य कन्या प्रकट हुई, जिन्हें राजा जनक ने पुत्री के रूप में अपनाया। उनका नाम सीता रखा गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सीता के प्राकट्य के बाद मिथिला में सुख, समृद्धि और वर्षा का आगमन हुआ तथा
अकाल समाप्त हो गया। स्वामी ललित व्यास ने कहा कि यह प्रसंग केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह संदेश भी देता है कि जब मनुष्य सत्य, परिश्रम और ईश्वर में विश्वास के साथ कार्य करता है, तब विपरीत परिस्थितियां भी बदल सकती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया और कहा कि मर्यादा, सेवा, करुणा और सत्य का मार्ग ही समाज को सुख एवं शांति प्रदान कर सकता है।
रामकथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की सुंदर झांकिया भी निकाली गई। भगवान श्रीराम और माता सीता के जयघोष से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कथा के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने देश, समाज और विश्व में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की तथा प्रसाद ग्रहण किया। कथा के आयोजक टैंपल ट्रस्ट के प्रधान अशोक बंसल, सचिव ऋषि शर्मा व कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता ने संयुक्त रूप से बताया कि रामकथा का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक
संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। इस अवसर पर अग्रोहा विकास ट्रस्ट व देवीलाल गौशाला के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज, मेघनाथ शर्मा, महितोष बागड़ी, एसएल सचदेवा आदि मौजूद थे।

