शारदीय नवरात्र महोत्सव कल से: मां दुर्गा का किया श्रृंगार, घट स्थापना का सुबह 5 से 10 बजे तक रहेगा शुभ मुहूर्त

सिरसा, 10 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होंगे। नवरात्रों को लेकर मंदिरों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देवी मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर में विशेष साफ-सफाई पर भी जोर दिया गया है। जिलेभर के देवी मंदिर रविवार को माता के जयकारों से गुंजायमान होंगे। पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ शहर के सीएमके कॉलेज रोज स्थित दुर्गा मंदिर, सालासर धाम मंदिर, मां दुर्गा दरबार, श्री तारा बाबा कुटिया, बड़ा हनुमान मंदिर, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित मां ज्वाला जी मंदिर में होगी। शनिवार को नवरात्र पर्व के मद्देनजर दुकानों में पूजा सामग्रियों की बिक्री जोरों पर रही। लोग चुनरी, नारियल, प्रसाद सहित माता के श्रृंगार की जमकर खरीददारी की। पंडित अवधेश दीक्षित ने बताया कि शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का विधि विधान से पूजा अर्चना की जाएगी। नवरात्र का महापर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। मां दुर्गा को सुख, समृद्धि व धन की देवी कहा जाता है। सालासर धाम मंदिर में इस बार 351 अखंड ज्योत जलेगी। साथ ही प्रतिदिन श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना करवाई जाएगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजे से 10 बजे तक रहेगा। शारदीय नवरात्र को लेकर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में धार्मिक उत्साह का माहौल है। नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक मंदिरों में माता रानी के जयकारे गूंजेंगे। श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। शहर के प्रमुख मंदिरों में माता रानी के दरबार को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाने की तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में सुबह और शाम विशेष आरती, दुर्गा सप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधक समितियों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में परेशानी न हो, इसके लिए मंदिरों में कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था रहेगी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। इसके बाद मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना की जाएगी। श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर माता रानी की आराधना करेंगे। घरों और मंदिरों में अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के साथ विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। मंदिरों में नवरात्र के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु माता रानी के समक्ष नतमस्तक होकर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। मंदिर में सुबह-शाम आरती होगी।
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सालासर धाम मंदिर में 351 अखंड ज्योत जलेंगी
श्री सालासर धाम मंदिर में नवरात्र के दौरान 351 अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएंगी। मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। श्रद्धालु माता रानी की आराधना के साथ हनुमान जी के दर्शन भी करेंगे। मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है। प्रतिदिन शाम को श्रद्धालु भजन-कीर्तन और आरती करेंगे। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ होगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में विशेष व्यवस्था की जाएगी। धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों के चलते शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। पितृ पक्ष संपन्न होने के साथ ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो चुकी है। नवरात्र को लेकर श्रद्धालु बाजारों में चुनरी, नारियल, माता रानी का श्रृंगार का सामान सहित फूल खरीदने में जुटे हैं।

