एसजीटीयू की नर्सिंग टीम ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिखेरे हरियाणवी संस्कृति के रंग

गुरुग्राम 26 सितंबर एसजीटी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम के स्कूल ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने 7वें कॉमनवेल्थ नर्सेज एंड मिडवाइव्स सम्मेलन में हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की शानदार प्रस्तुति देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर ऑडिटोरियम में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विद्यार्थियों ने रंगारंग हरियाणवी लोकनृत्य प्रस्तुत कर देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का मन मोह लिया।
कॉमनवेल्थ नर्सेज एंड मिडवाइव्स फेडरेशन (सीएनएमएफ) तथा ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएनएआई) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में 15 से अधिक देशों के 600 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें नर्सिंग एवं मिडवाइफरी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, नीति निर्माता और स्वास्थ्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। सम्मेलन की थीम “शेपिंग द फ्यूचर: नर्सेज एंड मिडवाइव्स नेविगेटिंग न्यू फ्रंटियर्स” रही, जिसमें नर्सिंग एवं मिडवाइफरी के बदलते स्वरूप, नई चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
टीएनएआई, हरियाणा स्टेट ब्रांच की ओर से विद्यार्थियों ने हरियाणा की लोक परंपराओं, रंग-बिरंगे परिधानों और सांस्कृतिक विरासत को लोकनृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर हरियाणा की संस्कृति का प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए गौरवपूर्ण अवसर रहा। उनकी प्रस्तुति को सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों एवं गणमान्य अतिथियों ने सराहा।
विद्यार्थियों को सांस्कृतिक कार्यक्रम में टीएनएआई हरियाणा स्टेट ब्रांच की ओर से भाग लेने का अवसर मिला। यह पहल टीएनएआई हरियाणा की अध्यक्ष प्रो. सुनीता कुमारी तथा सचिव प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार दुलड़, सचिव एवं डीन, नर्सिंग, एसजीटी यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में की गई। इस पहल में टीएनएआई स्टेट एग्जीक्यूटिव एवं फैकल्टी सदस्यों डॉ. सारिका यादव, डॉ. पवन, डॉ. खुशबू, डॉ. कुल पूजा, सुश्री शकुंतला देवी, सुश्री ज्योति, सुश्री कविता, सुश्री सुनीता तथा डॉ. बाबा वजराला का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
टीएनएआई हरियाणा स्टेट ब्रांच ने इस अवसर पर टीएनएआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती एनी कुमार, महासचिव श्रीमती एवलिन पी. कन्नन तथा उत्तर क्षेत्र की उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति वालिया के सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। यह सहभागिता एसजीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ नर्सिंग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इसने न केवल विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक नर्सिंग समुदाय तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

