बिजली व्यवस्था में निजी भागीदारी और सामाजिक समानता को लेकर सैलजा ने जताई चिंता

चंडीगढ़, 30 सितंबर।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा की बिजली वितरण व्यवस्था में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को लेकर चिंता व्यक्त की। सांसद ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवा में किसी भी बदलाव से पहले किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को सरकारी बिजली निगमों को मजबूत करने, बिजली व्यवस्था की कमियों को दूर करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। गुरुग्राम और नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस तथा अलग कृषि डिस्कॉम जैसे प्रस्तावों के संभावित प्रभावों पर भी व्यापक विचार जरूरी है। सांसद ने कहा कि बिजली कर्मचारियों और संगठनों ने अपनी आशंकाएं सरकार के समक्ष रखी हैं, जिन पर सरकार को सभी संबंधित पक्षों से संवाद करना चाहिए।
सांसद कुमारी सैलजा ने स्मार्ट मीटरिंग सहित बिजली क्षेत्र में किए जा रहे बदलावों की आर्थिक व्यवहार्यता और उपभोक्ता हितों के दृष्टिकोण से समीक्षा की मांग की। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के पक्ष में है।
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हल्द्वानी की घटना समानता के सवाल खड़े करती है : सैलजा
कुमारी सैलजा ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं सामाजिक समानता और सम्मान के सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान दिया। उनके अनुसार दलितों, आदिवासियों और वंचित समाज के सम्मान तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना जरूरी है। कांग्रेस इन अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।

