कैंसर की दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी चिंताजनक, सरकार मरीजों को राहत दे : कुमारी सैलजा

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने कैंसर सहित जीवनरक्षक दवाइयों की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देश के लाखों परिवार पहले ही महंगाई और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के बोझ से जूझ रहे हैं। सांसद ने गत दिनों लोकसभा में प्रदेश में बढ़ती कैंसर रोगियों की संख्या और प्रदूषित जल से होने वाली बीमारियों खासकर कैंसर का मुद्दा उठाया था।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा का घग्गर क्षेत्र, जो उनके संसदीय क्षेत्र सिरसा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समस्या से प्रभावित रहा है। इस क्षेत्र के अनेक परिवार पहले ही इलाज, जांच और दवाइयों पर भारी खर्च करने को मजबूर हैं। ऐसे में कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयों की कीमतों में वृद्धि मरीजों और उनके परिवारों की परेशानियों को और बढ़ाने का काम करेगी।
सांसद ने कहा कि सरकार एक ओर पूरे प्रदेश में कैंसर के इलाज की सुविधाओं का दावा करती है, लेकिन जमीनी वास्तविकता इससे काफी अलग है। अनेक स्थानों पर केवल जांच अथवा सैंपल संग्रह की व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि पूर्ण उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सक, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सीमित केंद्रों तक ही सिमटी हुई हैं। परिणामस्वरूप मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे उनका आर्थिक और मानसिक बोझ कई गुना बढ़ जाता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार का दायित्व होता है कि वह गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सस्ता और सुलभ उपचार उपलब्ध कराए। कैंसर जैसी बीमारी के इलाज में उपयोग होने वाली दवाइयों की कीमतों में वृद्धि मरीजों के लिए अतिरिक्त कठिनाइयां पैदा कर सकती है। इसलिए केंद्र सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करते हुए आवश्यक दवाइयों की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
कुमारी सैलजा ने मांग की कि सरकार कैंसर प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष स्वास्थ्य नीति तैयार करे, जिला स्तर पर आधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएं विकसित करे तथा गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए विशेष राहत योजना लागू करे। कुमारी सैलजा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा कोई विलासिता नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और सरकार को इसी भावना के साथ निर्णय लेने चाहिए।

