रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग ने मध्य प्रदेश की पांच महिला किराना उद्यमियों को किया सम्मानित
* ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल, वित्तीय और कारोबार प्रबंधन का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर।

नई दिल्ली, 23 जुलाई ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन की पहल को एक और सफलता मिली है। रिलायंस फाउंडेशन और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) के संयुक्त कार्यक्रम के तहत नई दिल्ली में मध्य प्रदेश की पांच महिला किराना उद्यमियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सफल कारोबार स्थापित करने के लिए सम्मानित किया गया। इन महिलाओं को अन्य ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए प्रेरणास्रोत माना गया। बेहतर कारोबार संचालन और उद्यमिता के लिए प्रत्येक महिला को एक-एक लाख रुपये का अनुदान भी दिया गया।
यह सम्मान 'एम्पावरिंग रूरल वूमेन किराना एंटरप्रेन्योर्स (RWKE)' पायलट कार्यक्रम के तहत दिया गया। इस कार्यक्रम को रिलायंस फाउंडेशन ने नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के साथ मिलकर शुरू किया है, जबकि माइक्रोसेव कंसल्टिंग (MSC) इसकी तकनीकी सहयोगी संस्था है।
समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. जोराम अनिया, महिला उद्यमिता मंच की मिशन निदेशक अन्ना रॉय, रिलायंस फाउंडेशन में महिला सशक्तिकरण प्रमुख दीप्ति नुकालापति और माइक्रोसेव कंसल्टिंग की सोनल जेटली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रशिक्षण से मिली जानकारी और कौशल के आधार पर वे अपने कारोबार को और आगे बढ़ाना चाहती हैं।
यह पहल मध्य प्रदेश के बड़वानी, विदिशा और रायसेन जिलों की महिला किराना दुकानदारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक के उपयोग, बाजार तक पहुंच और कारोबार की योजना बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
रिलायंस फाउंडेशन के अनुसार, कार्यक्रम शुरू होने के बाद अब तक 108 महिला उद्यमियों को 175 से अधिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 1,200 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। स्थानीय भाषा में आयोजित इन प्रशिक्षण सत्रों में बजट बनाना, हिसाब-किताब रखना, सप्लाई चेन, स्टॉक प्रबंधन और कारोबार बढ़ाने जैसे व्यावहारिक विषय शामिल रहे।
रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित किराना दुकानें स्थानीय अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके कारोबार को मजबूत करने और उन्हें डिजिटल तथा वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

