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पंजाब सरकार के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को हाई कोर्ट का अवमानना नोटिस

 - महंगाई भत्ते के बकाये पर अदालत सख्त, 17 नवंबर तक मांगा जवाब
 
  पंजाब सरकार के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को हाई कोर्ट का अवमानना नोटिस

चंडीगढ़, 03 नवंबर  पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) के बकाये से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार को 17 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। अदालत ने सरकार से पूछा है कि महंगाई भत्ते के भुगतान को लेकर दिए गए आदेशों का अब तक पालन क्यों नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपील की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी। मुख्य सचिव की ओर से बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल अपील से जुड़ी सभी तकनीकी कमियों को दूर कर लिया गया है और अगले सप्ताह मामले की सुनवाई होने की संभावना है। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि सरकार अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि अदालत के पूर्व आदेशों को लागू क्यों नहीं किया गया। अदालत ने इसे अवमानना से जुड़ा मामला मानते हुए मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दिया।
इससे पहले भी इसी मामले में हाई कोर्ट के मुख्य सचिव पर जुर्माना लगा चुका है। इसके बावजूद आदेशों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अदालत ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव की ओर से अदालत में पेश की गई जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की विभिन्न देनदारियों के रूप में कुल 32,418 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें से लगभग 22,818 करोड़ से 22,828 करोड़ रुपये की राशि केवल महंगाई भत्ते के बकाये से संबंधित बताई गई है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक महंगाई भत्ते का यह बकाया 1 जुलाई, 2021 से 30 सितंबर तक की अवधि से संबंधित है। महंगाई भत्ते के भुगतान का मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में हाई कोर्ट के ताजा आदेश ने पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सरकार को निर्धारित समयसीमा के भीतर यह बताना होगा कि अदालत के निर्देशों के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बकाया राशि के भुगतान को लेकर आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया।