पंजाब सरकार ने महिलाओं और किसानों से किए वादे नहीं किए पूरेः नायब सिंह सैनी
May 25, 2026, 20:09 IST

नई दिल्ली, 25 मई हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां किसान और महिलाएं पंजाब में दुखी हैं और उनकी बातों को सुनने वाला पंजाब में कोई नहीं है। पंजाब सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वहां महिलाओं को जो वादे किए गए थे, उनमें से आधे से भी ज्यादा योजनाओं को लागू नहीं किया गया। भगवंत मान ने महिलाओं से एक हजार रुपये प्रतिमाह देने का वायदा किया था लेकिन एक भी बहनों को वो पैसा नहीं दिया। अब सरकार के चार महीने रह गए हैं तो सूची बनाने का काम शुरू किया है।
सोमवार को हरियाणा भवन में महिला पत्रकारों से विशेष बातचीत में नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार जनता हित में गति और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है तथा मीडिया जगत से मिलने वाली सूचनाओं और अपडेट पर वह स्वयं संज्ञान लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने बीते 11 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महिला, युवा, किसान और गरीब व्यक्ति चार प्रमुख स्तंभ हैं।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी। हरियाणा सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों को इस मुहिम से जोड़कर सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं। कई पंचायतों में बेटियों की जन्म दर बेटों से अधिक हुई है, जिन पंचायतों को सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया। साथ ही महिला सरपंचों को इन पंचायतों का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है।
पंचकूला में आयोजित स्वदेशी मेले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एक महिला ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और बेटी की शादी जैसे खर्चों की चिंता समाप्त होने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अनाज मंडियों में किसानों के लिए खोली गई अटल कैंटीनों का संचालन भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कर रही हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
पंजाब को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां बाढ़ की स्थिति के दौरान हरियाणा सरकार ने हर जिले की समस्याओं को चिन्हित कर राहत सामग्री और सहायता पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के नेता किसानों को फसल खराबे के मुआवजे की सही जानकारी तक नहीं दे पाए। अब इसका जवाब आने वाले चुनावों में पंजाब की जनता देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए हर माह 2100 रुपये की सहायता दी जा रही है और यह जनहितकारी कार्य सरकार बनने के पहले वर्ष में ही शुरू कर दिया गया। गुरुग्राम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनक नहर से सीधे गुरुग्राम और नूंह तक पाइपलाइन परियोजना के जरिए जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, इसके लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपये के टेंडर की तैयारी पूरी कर ली गई है। लो लाइन एरिया में एसटीपी बनाकर सोहना क्षेत्र के माध्यम से जल प्रबंधन की योजना पर भी कार्य किया जाएगा। एसवाईएल मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर चर्चा की है।
कॉकरोच की उम्र बहुत छोटी होती है
कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवा पीढ़ी का इससे कोई जुड़ाव व लेना देना नहीं है और ऐसे आधारहीन आशय की कोई उम्र नहीं होती। वह स्वयं युवाओं से मिलकर उनकी समस्याओं से रूबरू होते हैं और उनकी समस्याओं के निदान के लिए संबंधित को निर्देश दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री के निजी जीवन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने बच्चों से सप्ताह में बमुश्किल एक या दो बार मिल पाते हैं। बीते दिनों बेटी ने वृंदावन जाने की इच्छा व्यक्त की। योजना बन गयी और सपरिवार दर्शन की तैयारी भी हो गयी। इसी बीच जरूरी बैठक आने के कारण परिजनों को समय नहीं दे पाए।
सोमवार को हरियाणा भवन में महिला पत्रकारों से विशेष बातचीत में नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार जनता हित में गति और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है तथा मीडिया जगत से मिलने वाली सूचनाओं और अपडेट पर वह स्वयं संज्ञान लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने बीते 11 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महिला, युवा, किसान और गरीब व्यक्ति चार प्रमुख स्तंभ हैं।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी। हरियाणा सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों को इस मुहिम से जोड़कर सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं। कई पंचायतों में बेटियों की जन्म दर बेटों से अधिक हुई है, जिन पंचायतों को सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया। साथ ही महिला सरपंचों को इन पंचायतों का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है।
पंचकूला में आयोजित स्वदेशी मेले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एक महिला ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और बेटी की शादी जैसे खर्चों की चिंता समाप्त होने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अनाज मंडियों में किसानों के लिए खोली गई अटल कैंटीनों का संचालन भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कर रही हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
पंजाब को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां बाढ़ की स्थिति के दौरान हरियाणा सरकार ने हर जिले की समस्याओं को चिन्हित कर राहत सामग्री और सहायता पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के नेता किसानों को फसल खराबे के मुआवजे की सही जानकारी तक नहीं दे पाए। अब इसका जवाब आने वाले चुनावों में पंजाब की जनता देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए हर माह 2100 रुपये की सहायता दी जा रही है और यह जनहितकारी कार्य सरकार बनने के पहले वर्ष में ही शुरू कर दिया गया। गुरुग्राम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनक नहर से सीधे गुरुग्राम और नूंह तक पाइपलाइन परियोजना के जरिए जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, इसके लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपये के टेंडर की तैयारी पूरी कर ली गई है। लो लाइन एरिया में एसटीपी बनाकर सोहना क्षेत्र के माध्यम से जल प्रबंधन की योजना पर भी कार्य किया जाएगा। एसवाईएल मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर चर्चा की है।
कॉकरोच की उम्र बहुत छोटी होती है
कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवा पीढ़ी का इससे कोई जुड़ाव व लेना देना नहीं है और ऐसे आधारहीन आशय की कोई उम्र नहीं होती। वह स्वयं युवाओं से मिलकर उनकी समस्याओं से रूबरू होते हैं और उनकी समस्याओं के निदान के लिए संबंधित को निर्देश दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री के निजी जीवन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने बच्चों से सप्ताह में बमुश्किल एक या दो बार मिल पाते हैं। बीते दिनों बेटी ने वृंदावन जाने की इच्छा व्यक्त की। योजना बन गयी और सपरिवार दर्शन की तैयारी भी हो गयी। इसी बीच जरूरी बैठक आने के कारण परिजनों को समय नहीं दे पाए।

