विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के विशाल आयोजन की तैयारियां तेज, भाजपा नेताओं ने झोंकी ताकत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और स्वामी धर्मदेव महाराज ने किया 1947 की त्रासदी को स्मरण कर राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान

गुरुग्राम/फरीदाबाद, 8 अगस्त।
देश के विभाजन के दौरान वर्ष 1947 में अपना जीवन गंवाने वाले लाखों लोगों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों की स्मृति में 14 अगस्त को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को भव्य और व्यापक स्वरूप देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुग्राम स्थित भाजपा कार्यालय गुरुकमल में दो दिन पूर्व हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद अब फरीदाबाद में भी वरिष्ठ नेताओं, सूचीबद्ध कार्यकर्ताओं, जिला संयोजकों और सह-संयोजकों ने आयोजन की तैयारियों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया।
14 अगस्त को गुरुग्राम के लेजर वैली मैदान में प्रस्तावित मुख्य आयोजन के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, वरिष्ठ नेता जगदीश चोपड़ा सहित पार्टी के अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां संभालते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बैठकों में कार्यक्रम में अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने, विभाजन की त्रासदी से जुड़ी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा शहीदों और पीड़ित परिवारों को श्रद्धांजलि देने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
गुरुग्राम के गुरुकमल कार्यालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और स्वामी धर्मदेव महाराज ने उपस्थित कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि 1947 का विभाजन केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की पीड़ा, बलिदान और विस्थापन की ऐसी त्रासदी है जिसे आने वाली पीढ़ियों तक स्मरण रखा जाना चाहिए। इस त्रासदी को याद करते हुए एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेना ही पीड़ितों और बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विभाजन के समय लाखों निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, असंख्य परिवार अपने बसे-बसाए घर, जमीन और कारोबार छोड़कर शरणार्थी के रूप में भारत आए तथा महिलाओं और बच्चों ने भी अकल्पनीय यातनाएं झेलीं। कार्यक्रम के माध्यम से विभाजन की इस मानवीय त्रासदी और उससे जुड़े परिवारों के संघर्ष को समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।
गुरुग्राम में हुई तैयारी बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन फणीन्द्रनाथ शर्मा, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा, राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, विधायक विनोद भयाना, विधायक निखिल मदान, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, कार्यक्रम संयोजक बोधराज सीकरी, पूर्व सीपीएस सीमा त्रिखा, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष रिचा पाहवा, रेनू भाटिया, विशाल सेठ, गुलशन भाटिया, गार्गी कक्कड़, प्रवीण पोपली और कैलाश भगत सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसी क्रम में फरीदाबाद में हुई बैठक में भी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिम्मेदारियों और संगठनात्मक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। विभिन्न जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं और आमजन की भागीदारी, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं तथा विभाजन पीड़ित परिवारों एवं उनके वंशजों को आयोजन से जोड़ने जैसे विषयों पर विचार किया गया। वरिष्ठ नेताओं ने जिला संयोजकों और सह-संयोजकों से अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों को गति देने का आह्वान किया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य देश के विभाजन की पीड़ा को याद करने के साथ उन लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देना है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपना सब कुछ गंवाने के बावजूद नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
14 अगस्त को लेजर वैली मैदान में होने वाले आयोजन को लेकर अब जिला स्तर तक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संजय भाटिया, जगदीश चोपड़ा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय कर रहे हैं। भाजपा की कोशिश है कि यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित न रहकर विभाजन की पीड़ा से सीख लेते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और अखंडता का व्यापक संदेश दे।

