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नागरिक परिषद की पहल पर एक मंच पर आए राजनीतिक दल

 -सरकार और सफाई कर्मचारियों से गतिरोध खत्म करने की अपील
 
  नागरिक परिषद की पहल पर एक मंच पर आए राजनीतिक दल
 -सिरसा क्लब में हुई सर्वदलीय-सामाजिक बैठक, शहर में जमा कूड़ा उठाने की मांग

सिरसा, 21 अगस्त। सिरसा शहर में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के कारण बिगड़ती सफाई व्यवस्था और जगह-जगह जमा कूड़े से पैदा हो रही परेशानी को देखते हुए नागरिक परिषद सिरसा की पहल पर शुक्रवार को सिरसा क्लब में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों, व्यापारिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों, चिकित्सकों, पत्रकारों और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों से संवाद के माध्यम से गतिरोध समाप्त करने तथा शहर की सफाई व्यवस्था जल्द सामान्य करने की अपील की गई। नागरिक परिषद सिरसा के सचिव सुरेंद्र भाटिया ने बैठक में सभी राजनीतिक दलों, व्यापार मंडल, पद्मश्री भाई गुरविंदर सिंह, दिशा सिरसा के प्रतिनिधियों तथा आढ़ती संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से तैयार संयुक्त अपील सरकार और सफाई कर्मचारियों के समक्ष रखी। अपील में कहा गया कि कर्मचारियों की उचित मांगों का समाधान सरकार को संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए, वहीं सफाई कर्मचारी भी जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शहर में जमा कूड़ा उठाने में सहयोग करें। बैठक के बाद शहरवासियों की ओर से यह अपील नगर परिषद अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप तथा सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता नरेश चौहान को सौंपी गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि आंदोलन करना कर्मचारियों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन लंबे समय तक कूड़ा जमा रहने से दुर्गंध, प्रदूषण और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए सरकार को भी बिना देरी कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। सफाई कर्मचारी नेताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 13 मई 2026 को सरकार के साथ हुई बैठक में कुल 22 मांगों पर चर्चा हुई थी, जिनमें से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। कर्मचारी नेताओं के अनुसार इन मांगों के संबंध में 30 जून तक सरकारी आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सभी मांगों पर औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुए। इसी कारण कर्मचारियों को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्तमान आंदोलन का प्रमुख मुद्दा नई मांगें रखना नहीं, बल्कि जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उनके आदेश जारी करवाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। कर्मचारी नेताओं द्वारा बताई गई प्रमुख मांगों में पालिका रोल एवं दैनिक वेतनभोगी सफाई, सीवर व अन्य कर्मचारियों का नियमितीकरण, अनुबंधित फायरमैन व फायर ड्राइवरों को नियमित करना, सफाई एवं सीवर कार्य में ठेका प्रथा समाप्त करना, नियमितीकरण तक ठेका कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन देना, ईएसआई व ईपीएफ का लाभ सुनिश्चित करना तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना शामिल है। इसके अलावा पात्र सफाई कर्मचारियों को ग्रुप -सी पदों पर पदोन्नति, एक्स-ग्रेशिया नीति में कच्चे व अनुबंधित कर्मचारियों को शामिल करने, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के साथ सम्मान राशि, चिकित्सा सुविधा, छंटनी किए गए कर्मचारियों की बहाली तथा सफाई एवं सीवर कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने की मांग भी उठाई गई। फायर कर्मचारियों को जोखिम व वर्दी भत्ता, ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता व नौकरी, पे-रोल फायर कर्मचारियों का नियमितीकरण, एचकेआरएन कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा तथा स्थानांतरण नीति एवं हड़ताल अवधि से संबंधित मुद्दे भी कर्मचारी नेताओं ने रखे। नागरिक परिषद सिरसा के अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश चोपड़ा ने आश्वासन दिया कि सफाई कर्मचारियों की उचित मांगों और शहरवासियों की भावनाओं को प्रदेश सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए जिससे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो और शहर की सफाई व्यवस्था भी सामान्य हो सके। नागरिक परिषद ने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार से भी अपील की कि कर्मचारी संगठनों के साथ तत्काल प्रभावी संवाद स्थापित कर जिन मांगों पर सहमति बन चुकी है, उनके संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक लिखित आदेश जारी किए जाएं। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारी नेताओं से अपील की कि वे अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखें, लेकिन शहर में जमा कूड़े को प्रशासन द्वारा उठाए जाने का विरोध न करें। शहर को स्वच्छ रखना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना सरकार, प्रशासन, कर्मचारियों और समाज सभी की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में नप चेयरमैन वीर शांति स्वरूप, जगदीश चोपड़ा (भाजपा नेता एवं अध्यक्ष नागरिक परिषद), सुरेंद्र भाटिया (सचिव नागरिक परिषद सिरसा), अशोक वर्मा (जेजेपी), वीरभान मेहता, आनंद बियानी (कांग्रेस), भगवान  कोटली एवं प्रदीप मेहता (इनेलो), हीरालाल शर्मा, कीर्ति गर्ग, केदार पाहवा (व्यापार मंडल), डॉ. वेद बैनीवाल (आईएमए सिरसा), चंद्रशेखर मेहता (दिशा सिरसा), पद्मश्री भाई गुरविंदर सिंह (भाई कन्हैया आश्रम), प्रेम बजाज, राजेंद्र नढा (आढ़ती एसोसिएशन), प्रोफेसर रविंद्र पुरी, अनिल डूमरा, गुरजीत सिंह मान, सरदार सुरेंद्र सिंह वेदवाला, रमेश मेहता (बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष) मनोज अटवाल, नरेश, बलवंत (कर्मचारी नेता), सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद ही मौजूदा गतिरोध का रास्ता है। सरकार कर्मचारियों की सहमत मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर आदेश जारी करे और सफाई कर्मचारी भी जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य बनाने में सहयोग करें।