पप्पू यादव ने जेड प्लस सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
May 4, 2026, 20:03 IST

नई दिल्ली, 04 मई बिहार के सांसद पप्पू यादव ने जेड प्लस सुरक्षा देने में देरी को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पप्पू यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने पटना उच्च न्यायालय को जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया।
पप्पू यादव ने याचिका में कहा था कि उन्हें सिर्फ कागजों पर ही वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जो वास्तविक रुप से प्रभावी नहीं है। सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनकी सुरक्षा में केवल दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जो उनकी रक्षा के लिए नाकाफी हैं। पप्पू यादव की ओर से कहा गया कि उनके परिवार पर पहले भी हमला हो चुका है। उनके भाई पर भी हमले हुए हैं। ऐसे में जेड प्लस सुरक्षा जरुरी है।
सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की ओर से कहा गया कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से उन्हें खुली धमकी मिली है। यह सीधा उनकी जान को खतरा है। ऐसे में सिर्फ वाई श्रेणी की सुरक्षा देना पर्याप्त नहीं है। तब मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आम तौर पर इस तरह की याचिकाएं सीधे उच्चतम न्यायालय में नहीं सुनी जातीं। पहले निचली अदालतों में इस मामले की सुनवाई होनी चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर गौर किया कि पप्पू यादव की याचिका उच्च न्यायालय में 24 बार लिस्ट करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हो सकी है। तब उच्चतम न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय को इस पर संज्ञान लेने का निर्देश दिया।
पप्पू यादव ने याचिका में कहा था कि उन्हें सिर्फ कागजों पर ही वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जो वास्तविक रुप से प्रभावी नहीं है। सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनकी सुरक्षा में केवल दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जो उनकी रक्षा के लिए नाकाफी हैं। पप्पू यादव की ओर से कहा गया कि उनके परिवार पर पहले भी हमला हो चुका है। उनके भाई पर भी हमले हुए हैं। ऐसे में जेड प्लस सुरक्षा जरुरी है।
सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की ओर से कहा गया कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से उन्हें खुली धमकी मिली है। यह सीधा उनकी जान को खतरा है। ऐसे में सिर्फ वाई श्रेणी की सुरक्षा देना पर्याप्त नहीं है। तब मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आम तौर पर इस तरह की याचिकाएं सीधे उच्चतम न्यायालय में नहीं सुनी जातीं। पहले निचली अदालतों में इस मामले की सुनवाई होनी चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर गौर किया कि पप्पू यादव की याचिका उच्च न्यायालय में 24 बार लिस्ट करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हो सकी है। तब उच्चतम न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय को इस पर संज्ञान लेने का निर्देश दिया।

