नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने दिया 5सी और 3डी का मंत्र गुजविप्रौवि की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान और अधिक मजबूत होगी: प्रो. विजय कुमार
कुलसचिव डा. विजय कुमार ने किया कुलगुरु की स्वागत सभा का संचालन

हिसार, अगस्त 30, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) के नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा है कि हमें 5सी और 3डी के सिद्धांत के साथ आगे बढ़ना है। निश्चित तौर पर विश्वविद्यालय शोध, शैक्षणिक तथा अन्य संबंधित सभी क्षेत्रों में विकास की नई उड़ान भरेगा। सकारात्मक सोच के साथ हम सब को आगे बढ़ना है। सभी शिक्षक व गैरशिक्षक कर्मचारी अपने अपने काम को स्पोर्ट करें। मैं आप सब को स्पोर्ट करूंगा। कुलगुरु प्रो. विजय कुमार रविवार को कार्यभार संभालने के बाद कुलगुरु कार्यालय के कमेटी हाॅल में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। कुलसचिव डा. विजय कुमार ने इस सभा का संचालन किया। पूर्व कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने नवनियुक्त कुलपति को कार्यभार सौंपा। इससे पूर्व विश्वविद्यालय में प्रवेश करते ही कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने विश्वविद्यालय के गुरु जम्भेश्वर जी महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान में स्थित गुरु जम्भेश्वर जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि हम सबको ठीक उसी उत्साह से काम करना है जो उत्साह हम अपनी नौकरी के पहले दिन लेकर आए थे। हमें विद्यार्थियों के व्यक्तिगत करैक्टर (चरित्र) के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति उनके चरित्र को भी विकसित करना है। खुद के साथ-साथ विद्यार्थियों में भी क्रिएटिविटी (सृजनात्मकता) को बढ़ावा देना है। खुद के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी कम्पीटेंट (दक्ष) बनाना है। कंपैशन (करुणा) के भाव के साथ काम करें। एक दूसरे के दुख-दर्द को समझें। साथ ही कॉन्शियसनेस (चेतना को जागृत) रखने के लिए कार्य करें। यदि हम इन 5सी को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो इसके 3डी परिणाम होंगे। हमारी डायरेक्शन (दिशा) सही होगी। डिसीप्लिनड (अनुशासित) जीवन जीएंगे तथा समाज व राष्ट्र को सकारात्मकता डिलीवर (वितरित) करेंगे। उन्होंने अपनी नियुक्ति के लिए हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया तथा कहा कि सरकार ने उनसे जो अपेक्षा की है, वे उसे निष्ठा से पूरा करेंगे।
कुलसचिव डा. विजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि कुलगुरु प्रो. विजय कुमार सकारात्मक व्यक्तित्व के धनी हैं। सबको साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय अपनी राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। कुलसचिव ने भी हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया कि उन्होंने एक सकारात्मक सोच के विद्वान शिक्षक को गुजविप्रौवि के कुलगुरु के रूप में नियुक्त किया है।
गजुटा प्रधान इंजीनियर विनोद गोयल ने भी नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. विजय कुमार का स्वागत किया। स्वागत सभा को उच्चतर शिक्षा परिषद के सदस्य डा. सतरूप ढांडा, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलसचिव डा. सुनील कुमार, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के परीक्षा नियंत्रक डा. राजेश बंसल, सीआरएम जाट महाविद्यालय, हिसार के डा. सुरेन्द्र बाजिया, गुजविप्रौवि के प्रो. कर्मपाल नरवाल, प्रो. विकास वर्मा, प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई, डा. नरेन्द्र चौहान, प्रो. महेश शर्मा, प्रो. कुलदीप बंसल, प्रो. ओम प्रकाश सांगवान, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. नीरज दिलबागी, प्रो. दलबीर सिंह, डा. बिजेन्द्र दहिया, मुकेश अरोड़ा, डा. एस.बी. लुथरा व अशोक कौशिक ने भी संबोधित किया।
23 वर्षों का उच्च स्तरीय शैक्षणिक अनुभव रखते हैं प्रो. विजय कुमार
प्रो. विजय कुमार का 23 वर्षों का उच्च स्तरीय शैक्षणिक अनुभव है। प्रो. विजय कुमार इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में तथा एलएन हिंदू काॅलेज के प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त वे आईकेजी पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय, मोहाली में कुलसचिव तथा पंजाब काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी मोहाली में प्रोफेसर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
प्रो. विजय कुमार सॉलिड स्टेट डिवाइसिज, सोलर सेल एवं नेनोटेक्नोलाॅजी में विशेषज्ञता रखते हैं। अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय जर्नल्स/काॅन्फ्रेंसिज/सेमीनार्स में उनके 105 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उनका आस्ट्रेलियन इनोवेशन पेटेंट फाइल हो चुका है।
प्रो. विजय कुमार ने दो प्रायोजित परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं तथा एक परियोजना प्रस्तुत की है। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में एमटेक (नेनोसाइंस एंड नेनोटेक्नोलाॅजी) के लिए कोर्स विकसित किया तथा श्री एनएल हिंदू काॅलेज, रोहतक में लाइवलीहुड स्कीम के तहत 21 सर्टिफिकेट शुरू किए हैं। प्रो. विजय कुमार ने आईईईई ट्रांजेक्शंस ऑन नेनोटेक्नोलाॅजी, इंटरनेशनल जर्नल्स आॅफ इंजीनियरिंग, साइंस एंड ह्युमेनिटीज, एप्लाइड नेनोसाइंस - ए स्प्रिंगर जर्नल तथा डीएई सोलिड स्टेट फिजिक्स सिम्पोजियम-2015 की समीक्षा की है तथा इंटरनेशनल जर्नल ऑफ थ्योरिटिकल एंड एप्लाइड साइंसिज का सम्पादन किया है। उन्होंने अंतराष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों डोंगक विश्वविद्यालय, सियोल, साउथ कोरिया, यूपीपीएसएएलए विश्वविद्यालय, स्वीडन, मोनाश विश्वविद्यालय, आस्ट्रेलिया व चार्लीज विश्वविद्यालय, परागयू, कजेक रिपब्लिक तथा राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों सीएसआईओ चंडीगढ़, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, पंजाब इंजीनियरिंग काॅलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़, जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू, अमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा, आईकेजी पंजाब टेक्नीकल यूनिवर्सिटी जालंधर व आईआईटी, रोपड़ के साथ शोध कार्य में सहयोग किया है।
प्रो. विजय कुमार आईएसटीई नई दिल्ली तथा न्यूक्लीयर ट्रैक सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य हैं। साथ ही वे अनेक विश्वविद्यालय स्तरीय व महाविद्यालय स्तरीय कमेटियों के सदस्य हैं।

