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बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में विश्व अल्जाइमर दिवस पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित, विद्यार्थियों को दी रोग की रोकथाम और पुनर्वास की जानकारी

 
 बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में विश्व अल्जाइमर दिवस पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित, विद्यार्थियों को दी रोग की रोकथाम और पुनर्वास की जानकारी

 रोहतक, 21 सितंबर। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, अस्थल बोहर में विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर फैकल्टी ऑफ मेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। फिजियो केयर डोमेन क्लब के तत्वावधान में तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सहयोग से आयोजित यह सेमिनार मिश्रित माध्यम में हुआ। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से भी भाग लिया।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य अल्जाइमर रोग एवं डिमेंशिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान, मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के उपाय, मरीजों की देखभाल तथा पुनर्वास के संबंध में विद्यार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता मणिपाल अस्पताल, द्वारका, नई दिल्ली की परामर्शदाता एवं स्ट्रोक देखभाल कार्यक्रम तथा तंत्रिका विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. खुशबू गोयल रहीं। उन्होंने ‘डिमेंशिया : क्या हम इसे रोक या उलट सकते हैं’ विषय पर व्याख्यान देते हुए रोग से जुड़े जोखिम कारकों, शुरुआती लक्षणों, समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. खुशबू गोयल ने बताया कि डिमेंशिया की पहचान जितनी जल्दी हो, मरीज की देखभाल और पुनर्वास की प्रक्रिया उतनी ही बेहतर ढंग से शुरू की जा सकती है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली, नियमित शारीरिक गतिविधि, मानसिक रूप से सक्रिय रहने तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जेनेसिस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, रोहतक के चिकित्सा कैंसर विशेषज्ञ एवं रक्त कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुहास कीर्ति सिंगला ने भी स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषय पर अपने विचार रखे।
सेमिनार में व्यावसायिक चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा तथा चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्यार्थियों ने भी विशेषज्ञों के व्याख्यान सुने और अल्जाइमर एवं डिमेंशिया से संबंधित अपनी जानकारी को बढ़ाया।
फिजियोथेरेपी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं सेमिनार की संयोजक डॉ. चारु शर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मार्गदर्शन एवं नेतृत्व प्रदान किया। सह-संयोजक डॉ. प्रीति लाठवाल तथा आयोजन सचिव डॉ. सुमन रानी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में डॉ. सोनिया सरोहा, डॉ. ज्योति रानी, डॉ. प्रीति सांगवान, डॉ. साक्षी, डॉ. सपना, डॉ. प्रदीप, डॉ. नेहा खरे, डॉ. वैशाली, डॉ. जसविंदर, डॉ. जानवी, सुश्री जागृति एवं श्री विवेक सहित विभाग के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने अल्जाइमर एवं डिमेंशिया से प्रभावित लोगों की समय पर पहचान, उचित देखभाल, मानसिक एवं शारीरिक पुनर्वास तथा विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों के समन्वित उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे मरीजों की देखभाल में चिकित्सा उपचार के साथ-साथ उनके परिवार और देखभालकर्ताओं का सहयोग तथा संवेदनशील व्यवहार भी बेहद महत्वपूर्ण है।
सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों को अल्जाइमर और डिमेंशिया के प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करने के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की ओर से सभी विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया।