सांसद सैलजा ने कहा-बासमती उद्योग के संकट पर केंद्र सरकार तत्काल प्रभावी कदम उठाए

सिरसा सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव तथा कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य ने कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा और पंजाब का बासमती उद्योग अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण बासमती निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे किसानों, मजदूरों और उद्योग से जुड़े लाखों परिवारों की चिंता बढ़ गई है। सांसद ने कहा कि बासमती केवल एक कृषि उत्पाद नहीं है, बल्कि हरियाणा और पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। ऐसे समय में जब धान की बुवाई का मौसम शुरू होने जा रहा है, निर्यात में आई रुकावटों ने किसानों और उद्योग जगत दोनों के सामने अनिश्चितता पैदा कर दी है।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के स्तर पर समन्वित प्रयास करे। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की विदेश नीति का उद्देश्य केवल राजनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि देश के किसानों, निर्यातकों और उद्योगों के आर्थिक हितों की रक्षा करना भी होना चाहिए। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रभावित देशों और व्यापारिक साझेदारों के साथ सक्रिय कूटनीतिक पहल कर वैकल्पिक व्यापारिक मार्गों तथा निर्यात के नए अवसर तलाशने चाहिए ताकि भारतीय बासमती को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक निर्बाध पहुंच मिल सके।
सांसद ने मांग की कि केंद्र सरकार तत्काल एक आपातकालीन कार्ययोजना (कांटीजेंसी प्लान) तैयार करे, जिसमें किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, एमएसपी व्यवस्था को मजबूत करने, खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने तथा राइस मिल उद्योग को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उपाय शामिल हों।
कुमारी सैलजा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों, मजदूरों और उद्योग जगत को आश्वस्त करना सरकार की जिम्मेदारी है। केवल दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि देश के अन्नदाता और कृषि आधारित उद्योग इस चुनौती से उबर सकें। सांसद ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करेगी तथा किसानों और निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी

