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बुड्ढा नाला की सफाई नहीं होने पर सांसद संत सीचेवाल ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

 करीब 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदूषण बरकरार, अधिकारियों और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर उठाए सवाल
 
  बुड्ढा नाला की सफाई नहीं होने पर सांसद संत सीचेवाल ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

लुधियाना, 24 अक्टूबर  पंजाब के लुधियाना में बुड्ढा नाला की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने अपनी ही पार्टी की सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रयास किए जाने और करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बुड्ढा नाला को प्रदूषण मुक्त नहीं किया जा सका है।
बुड्ढा दरिया पुनर्जीवन परियोजना की 46वीं बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक में नाले में लगातार गिर रहे सीवरेज और औद्योगिक कचरे को लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए गए।
जानकारी के अनुसार, बुड्ढा नाला को प्रदूषण मुक्त बनाने और इसके पुनर्जीवन के लिए अब तक करीब 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद नाले में प्रदूषित पानी का प्रवाह जारी है।
सांसद सीचेवाल ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने, बार-बार बैठकें करने और अधिकारियों को निर्देश देने के बावजूद अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने प्रदूषण रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने विभिन्न सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान कई प्लांटों के संचालन में कमियां सामने आने की जानकारी मिली।
इन खामियों के कारण प्लांटों की नियमित निगरानी और सीवरेज तथा औद्योगिक अपशिष्ट के उचित उपचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सीचेवाल ने कहा कि संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि नाले में छोड़े जाने वाले पानी का निर्धारित मानकों के अनुसार उपचार सुनिश्चित किया जाए।
बुड्ढा नाला में प्रदूषण की समस्या केवल सीवरेज और औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं है। ताजपुर रोड और हैबोवाल क्षेत्रों में स्थित डेयरी समूहों से निकलने वाला अपशिष्ट भी नाले के प्रदूषण का एक प्रमुख कारण बना हुआ है।
इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी के कारण भी नाले की स्थिति प्रभावित हो रही है।
सांसद सीचेवाल सवाल किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज होने और कार्रवाई किए जाने के बावजूद नाले में गंदा पानी गिरने से रोकने में सफलता क्यों नहीं मिल रही है।
बुड्ढा दरिया पुनर्जीवन परियोजना की लगातार बैठकों और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संबंधित विभागों से प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और ट्रीटमेंट प्लांटों की कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई।