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विधायी विशेषाधिकारों के मुद्दे पर पत्रकार अजीत अंजुम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

 
  विधायी विशेषाधिकारों के मुद्दे पर पत्रकार अजीत अंजुम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

नई दिल्ली, 30 सितंबर  वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने विधायकों के विधायी विशेषाधिकारों के दायरे से जुड़े प्रावधानों की व्याख्या और अभिव्यक्ति की आजादी पर इसके असर से संबंधित मामले में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। सात सदस्यीय संविधान बेंच 6 अक्टूबर से इस मामले की सुनवाई करेगी।
अजीत अंजुम की याचिका में कहा गया है कि विधायी विशेषाधिकार और मौलिक अधिकार एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने विधायी कार्यवाही की निष्पक्ष आलोचना को विशेषाधिकार हनन मानने पर स्पष्ट मानक तय करने का अनुरोध किया है।
इस मामले में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा और पत्रकार सीमा चिश्ती ने भी यही सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। हस्तक्षेप याचिका में अभिव्यक्ति की आजादी की व्याख्या संवैधानिक परिप्रेक्ष्य में करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि विधायिका का काम संविधान के अनुरूप कानून बनाना है न कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाना।