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राज्यसभा में उठा भोजन में ‘कैलोरी लेबलिंग’ का मुद्दा, बड़े फूड ब्रांड्स पर कार्रवाई की मांग​​​​​​​

 
  राज्यसभा में उठा भोजन में ‘कैलोरी लेबलिंग’ का मुद्दा, बड़े फूड ब्रांड्स पर कार्रवाई की मांग​​​​​​​
नई दिल्ली, 17 मार्च  राज्य सभा सांसद स्वाति मालिवाल ने मंगलवार को संसद में देश की प्रमुख फूड चेन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने इसे बढ़ती मोटापा, डायबिटीज और लाइफस्टाइल बीमारियों के बीच जनस्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा बताया।
मालीवाल ने कहा कि एफएसएसएआई के नियमों के तहत 10 या उससे अधिक आउटलेट वाले रेस्टोरेंट्स को मेन्यू पर हर आइटम की कैलोरी यानि भोजन से मिलने वाली उर्जा की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन बड़े ब्रांड्स इसका पालन नहीं कर रहे।
उन्होंने खासतौर पर डॉमिनोज, पिज्जा हट, केएफसी और हल्दीराम का नाम लेते हुए कहा कि ये कंपनियां खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रही हैं।
मालीवाल के अनुसार, एक पिज्जा में 1500 से 2000 कैलोरी तक हो सकती है, जो लगभग 15–20 रोटी के बराबर है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को पहले से यह जानकारी मिले, तो वे खुद और अपने बच्चों के लिए बेहतर फैसले ले सकेंगे।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्वीगी और जूमैटो पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एफएसएसएआई के निर्देश के बावजूद इन प्लेटफॉर्म्स पर कैलोरी और न्यूट्रिशन जानकारी सही तरीके से नहीं दिखाई जा रही।
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में सख्ती से कदम उठा रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण(एफएसएसएआई)इसके लिए जिम्मेदार है और इसके लिए नियम बनाए है। इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है। एफएसएसएआई ने पिछले तीन सालों में कई कार्रवाइयां की है। साल 2022-23 में 141 फूड आउलेट की जांच की जिसमें 15 स्थानों पर नियमों में उल्लंघन होता पाया गया। इनमें से 6 फूड ज्वाइंट के लाइसेंस सस्पेंड
किए गए। वहीं, साल 2023-24 में 73 होटल का निरीक्षण किया गया जिसमें 2 स्थानों पर नियमों का उल्लंघन
होता पाया गया। साल 2024-25 में कुल 165 जांच की गई जिसमें 1 होटल में नियमों का उल्लंघन हुआ। जे पी नड्डा नड्डा ने कहा कि आगे भी एफएसएसएआई रेस्तरां पर
सख्त कार्रवाई करेगी।