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*नूंह की सम्मान दिवस रैली से पहले सिरसा में इनेलो का शक्ति प्रदर्शन* चौधरी देवीलाल की जयंती पर होने वाली रैली को लेकर गांव-गांव पहुंच रही जसबीर जस्सा की टीम, कार्यकर्ताओं में दिख रहा जबरदस्त उत्साह

 
  *नूंह की सम्मान दिवस रैली से पहले सिरसा में इनेलो का शक्ति प्रदर्शन* चौधरी देवीलाल की जयंती पर होने वाली रैली को लेकर गांव-गांव पहुंच रही जसबीर जस्सा की टीम, कार्यकर्ताओं में दिख रहा जबरदस्त उत्साह

सिरसा। 02 सितंबर जननायक चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर 27 सितंबर को नूंह में होने वाली सम्मान दिवस रैली को लेकर सिरसा जिले में इंडियन नेशनल लोकदल के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश और उत्साह दिखाई दे रहा है। चौधरी देवीलाल की राजनीतिक कर्मभूमि और चौटाला परिवार के गृह क्षेत्र सिरसा से इस रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पहुंचाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। इनेलो जिलाध्यक्ष जसबीर जस्सा के नेतृत्व में पार्टी की पूरी टीम गांव-गांव दस्तक दे रही है। बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों को रैली का निमंत्रण दिया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा है कि नूंह की रैली को इनेलो केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि संगठन की ताकत और चौधरी देवीलाल की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रदर्शन के रूप में देख रही है। पार्टी का दावा है कि सिरसा से इस बार ऐसा जनसैलाब नूंह पहुंचेगा, जिसकी गूंज पूरे हरियाणा में सुनाई देगी। सिरसा जिले में पिछले कुछ समय के दौरान इनेलो ने अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत किया है। पार्टी की ओर से 20 से अधिक प्रकोष्ठों का गठन किया गया है। इन प्रकोष्ठों में जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारियों को गांव और बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा रहा है। यही कारण है कि लंबे समय बाद सिरसा जिले में इनेलो की राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। जिलाध्यक्ष जसबीर जस्सा की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता केवल रैली की तैयारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय समस्याओं को लेकर भी जनता के बीच पहुंच रहे हैं। बिजली, पानी, सड़क, रोजगार, किसानों की समस्याएं, युवाओं के भविष्य और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। इनेलो की रणनीति साफ दिखाई दे रही है—संगठन को मजबूत करो, जनता के मुद्दों को उठाओ और गांव की चौपाल से लेकर जिला मुख्यालय तक पार्टी की आवाज बुलंद करो। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने इसी वर्ष 9 अगस्त को सिरसा से ही कार्यकर्ता सम्मेलनों के अभियान की शुरुआत की थी। सिरसा से अभियान की शुरुआत को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि यह जिला लंबे समय से चौटाला परिवार और इनेलो की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है। सिरसा से अभियान शुरू करने के पीछे पार्टी का संदेश भी स्पष्ट था कि संगठन को उसके पुराने मजबूत क्षेत्र में फिर से सक्रिय किया जाए और कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए तैयार किया जाए। इसके बाद जिले में लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियानों का सिलसिला तेज हुआ। अब 27 सितंबर की नूंह रैली इस संगठनात्मक अभियान का पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनने जा रही है।

*सिरसा की मिट्टी में आज भी जिंदा है देवीलाल की राजनीतिक विरासत*

सिरसा और चौधरी देवीलाल का रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। इस क्षेत्र की राजनीतिक चेतना में चौधरी देवीलाल की किसान, मजदूर और ग्रामीण हितों की राजनीति की गहरी छाप रही है। 1977 में इनैलो ने सिरसा जिला की सभी सीटों पर जीत हािसल की थी। 1987 में भी चौ. देवीलाल के नेतृत्व वाली लोकदल ने सिरसा की पांचों सीटों पर परचम फहराया था। बाद में यही राजनीतिक विरासत विभिन्न चरणों से गुजरते हुए इनेलो की विचारधारा और संगठन का आधार बनी। विशेष बात यह है िक साल 2013 में जेबीटी भर्ती मामले में चौ. ओमप्रकाश चौटाला व डा. अजय चौटाला को जेल हुई थी तब पार्टी की कमान अभय सिंह चौटाला के पास थी। अभय चौटाला ने उस मुिश्कल वक्त में हौसला व हिम्मत बनाए रखी। कार्यकत्तर्जाओं में जोश का संचार किया। वर्ष 2014 में पूरे देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जबरदस्त लहर थी। हरियाणा में भी भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन इनेलो ने इस लहर के बीच सिरसा और हिसार लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का परिचय दिया। सिरसा लोकसभा सीट से इनेलो उम्मीदवार चरंजीत सिंह रोड़ी ने कांग्रेस के अशोक तंवर को 1,15,736 मतों के अंतर से हराया। रोड़ी को 5,06,370 मत मिले, जबकि अशोक तंवर को 3,90,634 मत प्राप्त हुए। हिसार में इनेलो के दुष्यंत चौटाला ने 4,94,478 मत हासिल कर कुलदीप बिश्नोई को 31,847 मतों के अंतर से हराया। यह प्रदर्शन इनेलो के लिए इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि उस समय देश और प्रदेश में भाजपा के पक्ष में मजबूत राजनीतिक लहर चल रही थी। 2014 के विधानसभा चुनाव में भी सिरसा जिला इनेलो के लिए बेहद मजबूत साबित हुआ। हालांकि यहां भी एक जरूरी सुधार है। जिले की पांचों सीटों पर इनेलो की जीत नहीं हुई थी। डबवाली, रानियां, सिरसा और ऐलनाबाद में इनेलो के उम्मीदवार विजयी हुए, जबकि कालांवाली विधानसभा सीट पर शिरोमणि अकाली दल के बलकौर सिंह ने जीत दर्ज की। डबवाली में नैना सिंह चौटाला को 68,029 मत, रानियां में रामचंद्र कंबोज को 43,971 मत, सिरसा में मक्खन लाल सिंगला को 46,573 मत और ऐलनाबाद में अभय सिंह चौटाला को 69,162 मत मिले। इन आंकड़ों से साफ होता है कि वर्ष 2014 में सिरसा जिला इनेलो की सबसे मजबूत राजनीतिक जमीन में शामिल था। हालांकि समय के साथ सिरसा की राजनीतिक तस्वीर बदली है, लेकिन इनेलो ने वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भी जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। डबवाली से आदित्य देवीलाल और रानियां से अर्जुन चौटाला ने इनेलो के टिकट पर जीत हासिल की। डबवाली में आदित्य देवीलाल को 56,074 मत मिले और उन्होंने कांग्रेस के अमित सिहाग को केवल 610 मतों के अंतर से हराया। रानियां में अर्जुन चौटाला ने 43,914 मत प्राप्त कर कांग्रेस के सर्व मित्र कंबोज को 4,191 मतों से पराजित किया। इन दोनों जीतों ने इनेलो के लिए सिरसा में राजनीतिक उम्मीद की एक नई जमीन तैयार की।

*जसबीर जस्सा बोले—सिरसा के साथ हुआ विकास में भेदभाव*

इनेलो जिलाध्यक्ष जसबीर जस्सा का कहना है कि सिरसा के साथ विकास के मामले में लंबे समय से भेदभाव होता आया है। उनका आरोप है कि वर्ष 2005 से 2014 तक कांग्रेस सरकार के दौरान सिरसा की उपेक्षा की गई और इसके बाद भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी जिले को विकास के मामले में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। जस्सा का कहना है कि जुलाई 1999 से फरवरी 2005 तक चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान सिरसा में अनेक विकास परियोजनाएं लाई गईं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत जिले के गांवों में 386 सड़कों का निर्माण, 30 से अधिक पार्कों का निर्माण, सिरसा शहर में हरित पट्टी का विकास, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के निर्माण को आगे बढ़ाना तथा पन्नीवाला मोटा में चीनी मिल की स्थापना जैसे काम हुए। उनका दावा है कि उस दौरान जिले में 100 से अधिक जलघर बनाए गए और 50 से अधिक विद्यालयों को उन्नत किया गया। जस्सा इन आंकड़ों को इनेलो सरकार के कार्यकाल में सिरसा के विकास की मिसाल के तौर पर जनता के सामने रख रहे हैं। इनेलो कार्यकर्ताओं के लिए 27 सितंबर की नूंह रैली केवल एक रैली नहीं, बल्कि संगठन की ताकत दिखाने का अवसर बन गई है। जिलाध्यक्ष जसबीर जस्सा और उनकी पूरी टीम लगातार गांवों में संपर्क कर रही है। कार्यकर्ताओं को रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है।