देश में महंगाई की मार, भाजपा मस्त, जनता त्रस्त: सैलाजा कहा-सरकार के पास महंगाई पर नियंत्रण करने की कोई ठोस नीति नहीं

सैलाजा ने कहा कि गैस सिलेंडर महंगा होने से घरेलू खर्च ही नहीं, बल्कि होटल, ढाबे, चाय-नाश्ते और छोटे व्यवसायों की लागत भी बढ़ेगी, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं के दाम स्वत: बढ़ जाएंगे। इसका परिणाम यह होगा कि आम आदमी के लिए जीवनयापन और कठिन हो जाएगा। सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार के पास महंगाई पर नियंत्रण करने की कोई ठोस नीति या इच्छाशक्ति नहीं दिख रही। एक ओर सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सैलाजा ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो महंगाई आम जनता की कमर तोड़ देगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि तुरंत प्रभाव से रसोई गैस की कीमतों में राहत दी जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस एवं पारदर्शी नीति लागू की जाए।
साल 2026 में अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 1,490 तक का उछाल
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) की कीमतों में एक मई 2026 को 993 रुपये की ऐतिहासिक भारी बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2026 में कीमतों में करीब 195 से 195.50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी। मार्च 2026 में कीमतों में 141.50 प्रति सिलेंडर का इजाफा देखा गया। फरवरी 2026 मे कीमतों में 49.50 की बढ़ोतरी हुई थी। जनवरी 2026 साल की शुरुआत में ही 111 की बढ़ोतरी की गई थी। यानि साल 2026 में अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल ,490 तक का उछाल आ चुका है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढऩे से खाने-पीने की वस्तुओं में उठाल आता है जिससे जनता सीधे प्रभावित होती है। सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही होती है और इससे सरकार भाग नहीं सक ती।

