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त्योहारों पर महंगाई की मार, आम आदमी की थाली से लेकर रसोई तक बिगड़ा बजट : कुमारी सैलजा

 कहा-महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार झेल रही है जनता, त्योहारों की खुशियां भी हो रही फीकी; केंद्र सरकार बताए, आम परिवार कैसे मनाए त्योहार
 
 त्योहारों पर महंगाई की मार, आम आदमी की थाली से लेकर रसोई तक बिगड़ा बजट : कुमारी सैलजा

 चंडीगढ़/सिरसा, 17 अक्टूबर। 

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने त्योहारों के सीजन में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दीपावली सहित विभिन्न त्योहारों के अवसर पर आम आदमी को राहत मिलने के बजाय घरेलू बजट की चिंता सता रही है। खाद्य पदार्थों, घरेलू जरूरतों, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ते खर्च ने मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों, किसानों तथा छोटे व्यापारियों की आर्थिक परेशानियां बढ़ा दी हैं। महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार ने आम परिवारों की त्योहारों की खुशियां फीकी कर दी हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और आवश्यक वस्तुओं को किफायती बनाने की रही है। महंगाई का आकलन केवल सरकारी आंकड़ों से नहीं, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि एक परिवार अपनी सीमित आय में कितनी जरूरतें पूरी कर पा रहा है। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार के अपने आंकड़े महंगाई की गंभीर स्थिति उजागर कर रहे हैं। सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 4.83 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई 5.97 प्रतिशत से बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 6.08 प्रतिशत दर्ज की गई। प्याज की कीमतों में सालाना 108.09 प्रतिशत, अदरक में 62.85 प्रतिशत और लहसुन में 54.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

कुमारी सैलजा ने सवाल उठाया कि जब खाने-पीने की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ रही हैं, तो गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार त्योहार कैसे मनाएंगे? क्या सरकार के पास महंगाई रोकने की कोई ठोस कार्ययोजना है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को केवल महंगाई के आंकड़ों की व्याख्या करने के बजाय जनता की वास्तविक परेशानियों का समाधान करना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाए, आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करे तथा गरीब एवं मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ठोस आर्थिक कदम उठाए।

सांसद ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी होगी, जब हर परिवार सम्मानपूर्वक अपनी जरूरतें पूरी कर सके और किसी गरीब को त्योहार मनाने के लिए अपनी आवश्यकताओं से समझौता न करना पड़े।

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अंकिता भंडारी को न्याय देने के बजाय आरोपियों को संरक्षण दे रही है भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी, सिरसा की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को देहरादून में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड की जनता न वोट चोरी बर्दाश्त करेगी और न अपनी बेटी के साथ अन्याय। सांसद  ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की।

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने में लगी है। जिस कथित वीआईपी का नाम सामने आने और जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के दावे किए गए, उसी व्यक्ति को कानूनी संरक्षण देकर राजभवन में बैठाया जा रहा है। सांसद ने सवाल किया कि आखिर सीबीआई जांच कहां तक पहुंची है? जिन लोगों के नाम सामने आए, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं की जा रही? सरकार न्याय दिलाने के बजाय ऐसे व्यक्तियों को महत्वपूर्ण पदों पर क्यों बैठा रही है? कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता स्वयं को अपमानित महसूस कर रही है। भाजपा सरकार को याद रखना चाहिए कि जब जनता अन्याय के खिलाफ खड़ी होती है तो बड़े-बड़े तख्त और ताज पलट जाते हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार, तानाशाही और प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने की नीति पर चल रही है। कांग्रेस इस सरकार को सत्ता से हटाने और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। न कांग्रेस चैन से बैठेगी और न उत्तराखंड की जनता चुप रहेगी।