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महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, गरीब और मध्यम वर्ग पर बढ़ा आर्थिक बोझ : कुमारी सैलजा

 खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से परिवार परेशान, महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए सरकार : सैलजा
 
 महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, गरीब और मध्यम वर्ग पर बढ़ा आर्थिक बोझ : कुमारी सैलजा

 चंडीगढ़/नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। 

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि से गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी और मध्यम वर्गीय परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि महंगाई संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत और खाद्य महंगाई दर 7.74 प्रतिशत तक पहुंची थी। प्याज की कीमतों में 108 प्रतिशत, लहसुन में लगभग 55 प्रतिशत और अदरक में करीब 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। सांसद ने कहा कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ता है।

सांसद ने कहा कि महंगाई के कारण लोगों को भोजन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी खर्चों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है। दैनिक जरूरतों पर बढ़ता खर्च परिवारों की बचत करने की क्षमता को भी कम करता है। सरकार को ऐसी नीतियां अपनानी चाहिए, जिनसे आम नागरिक को वास्तविक राहत मिले।

कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी रखने, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने तथा खाद्य आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। सांसद ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और उपभोक्ताओं को जरूरी वस्तुएं उचित दरों पर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। आर्थिक विकास का लाभ तभी सार्थक है, जब आम परिवार सम्मानपूर्वक अपनी आवश्यकताएं पूरी कर सके।

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धान में नमी के नाम पर किसानों को परेशान करना बंद करे सरकार : कुमारी सैलजा

सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा की अनाज मंडियों में धान खरीद के दौरान किसानों को हो रही परेशानी पर चिंता जताई। सांसद ने सिरसा जिले की फग्गू और रोड़ी मंडियों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के अनुसार सुबह धान में 17 प्रतिशत नमी बताई जाती है, जबकि शाम को उसी धान में 20 प्रतिशत नमी दिखाकर खरीद से इनकार किया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने बताया कि प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले की मंडियों में 3,70,201 क्विंटल धान की आवक के मुकाबले केवल 1,06,489 क्विंटल खरीद हुई है। सात खरीद केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। कुमारी सैलजा ने सरकार से नमी जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सभी खरीद केंद्रों पर तत्काल खरीद शुरू कराने और किसानों की उपज का समयबद्ध उठान करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में अनावश्यक परेशानी से बचाना और उनकी फसल की उचित खरीद सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी