महंगाई और अव्यवस्था से जनता और किसान दोनों परेशान: सैलजा

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश और केंद्र सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने में सबसे आगे हैं, लेकिन धरातल पर उन घोषणाओं को लागू करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगातार नई योजनाओं और विकास कार्यों की घोषणाएं की जा रही हैं, मगर वास्तविकता यह है कि संबंधित विभागों और क्षेत्रों तक बजट नहीं पहुंच रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति छोड़कर आम लोगों की जन समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जनता आज बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार के पास इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस नीति और पर्याप्त बजट नहीं है। सांसद ने कहा कि महंगाई लगातार आम आदमी की कमर तोड़ रही है। 23 मई को सुबह 06 बजे से एक बार फिर पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। कुछ ही दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं। लगातार बढ़ती कीमतों से आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है तथा परिवहन, खेती और रोजमर्रा की जरूरतों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश का किसान लगातार परेशानियों का सामना कर रहा है। पहले किसानों को डीजल और खाद के लिए लंबी लाइनों में लगाया गया और अब अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल बेचने के लिए पोर्टल और ओटीपी के चक्कर में भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि फसल खरीद के 72 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि किसानों को अपने ही पैसे के लिए कई-कई सप्ताह इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब किसानों के खातों में राशि पहुंची भी, तब भी उन्हें राहत नहीं मिली क्योंकि बैंकों में नकदी की कमी के कारण किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बैंकों में 50 हजार रुपये से अधिक की राशि निकालने पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं, जबकि किसान छह महीने की मेहनत के बाद अपनी फसल बेचकर प्राप्त धन से बीज, खाद, मजदूरी और अन्य जरूरी भुगतान करते हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी जनता के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। सरकार को चाहिए कि वह केवल घोषणाएं करने के बजाय जनहित की योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट जारी करे और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए गंभीरता से कार्य करे।
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कॉकरोच सिर्फ एक सिंबल, असली गुस्सा युवाओं की फ्रस्टेशन:सैलजा
कुमारी सैलजा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा व्यंग्य कसा। उन्होंने कहा कि कॉकरोच तो सिर्फ एक सिंबल है, असल में यह देश के युवाओं की भाजपा सरकार के खिलाफ फ्रशटेशन है। कुमारी सैलजा ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और युवाओं में बढ़ती निराशा के कारण सरकार के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा है। सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है, जिसका असर अब सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं में साफ दिखाई दे रहा है।

