संविधान पर हमलों के खिलाफ हिसार के अधिवक्ताओं ने दिल्ली में बुलंद की आवाज

ओबीसी कांग्रेस की लीगल सेल द्वारा एआईसीसी मुख्यालय इंदिरा भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विधिक संगोष्ठी–2026 में “संवैधानिक चुनौतियाँ : दृष्टिकोण और आगे की राह” विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया । कार्यक्रम में देश के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। सम्मेलन में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर संविधान की रक्षा का संकल्प लिया गया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हिसार से एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लेकर संविधान के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट रहे जबकि अध्यक्षता ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने की।विशिष्ट अतिथि के रूप में जितेंद्र बघेल, सुभाषिनी यादव, रोहित प्रताप सिंह, अंबिका यादव तथा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा के स्टेट चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल मंच पर उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का स्पष्ट विजन है कि भारतीय संविधान गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों का सबसे बड़ा हथियार और सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जो समानता, न्याय, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित संविधान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है।ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने अधिवक्ताओं से सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी संविधान की मूल भावना समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी।हिसार से दिल्ली पहुंचे एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने केंद्र सरकार की साम्प्रदायिक, विभाजनकारी और जनविरोधी नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान नीतियाँ देश की एकता, सामाजिक समरसता और संविधान की आत्मा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान जो आम नागरिक के अधिकारों, समानता और न्याय की गारंटी देता है उसे सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है तथा वंचितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों सहित आम नागरिक के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में संविधान पर बढ़ते हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जस्टिस को प्रेस कांफ्रेंस कर देश से संविधान और लोकतंत्र बचाने की अपील करनी पड़ी थी और दुर्भाग्यवश आज भी वही हालात बने हुए हैं।सम्मेलन में उपस्थित अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयास नहीं रुके तो कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के विजन के अनुरूप अंबेडकर, नेहरू और गांधी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए एक देशव्यापी कानूनी एवं सामाजिक आंदोलन खड़ा करेगी ताकि हर नागरिक के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।
फोटो कैप्शन:मंचासीन सचिन पायलट,अनिल जयहिंद,जितेन्द्र बघेल व लाल बहादुर खोवाल

