हिमाचल में कई जगह भारी वर्षा, 14 जुलाई तक अलर्ट

शिमला, 08 जुलाई। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। राजधानी शिमला सहित अनेक इलाकों में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया और कुछ क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक प्रदेश में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। सबसे अधिक चिंता 11 जुलाई को लेकर जताई गई है, जब प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान सिरमौर जिले के जट्टन बैराज में 70.5 मिलीमीटर, मंडी में 56.2 मिलीमीटर, मंडी जिले के मुरारी देवी में 50.0 मिलीमीटर, धर्मशाला में 46.3 मिलीमीटर, हमीरपुर जिले के नेरी में 38.5 मिलीमीटर, पालमपुर में 32.8 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 27.2 मिलीमीटर और बिलासपुर में 20.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सुंदरनगर, कांगड़ा और मुरारी देवी में गरज के साथ बिजली चमकी। नारकंडा में 41 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।
मौसम विभाग के अनुसार 8 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। 9 और 10 जुलाई को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जुलाई को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके बाद 12, 13 और 14 जुलाई को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
कुल्लू की गड़सा घाटी में फटा बादल, छोटे पुल बहे
कुल्लू जिले की गड़सा घाटी के शिलानाला क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों में बादल फटने की घटना सामने आई है। इसके बाद गड़सा खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया। खड्ड पर बनी एक-दो पुलियां बाढ़ के पानी में बह गईं। राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन ने आसपास के लोगों से सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है।
मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भी सुबह से लगातार बारिश होती रही। वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम ठंडा हो गया। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है। कुल्लू जिले में बीती रात से रुक-रुक कर बारिश जारी रहने से ब्यास सहित कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन ने लोगों के लिए एहतियाती एडवाइजरी जारी की है।
उधर, शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में मानसून की पहली तेज बारिश का असर ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है। गानवी से क्याओ और कूट पंचायतों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बंद हो गया है। गानवी खड्ड में जलस्तर बढ़ने से बना अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इससे दोनों पंचायतों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। समेज खड्ड क्षेत्र के ऊपरी हिस्सों में हुई तेज बारिश के बाद अचानक बाढ़ आने से कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं और यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने लोगों से मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

