हरियाणा का युवा जवाब चाहता है: सैलजा -भर्ती में पारदर्शिता, समयबद्ध रोजगार और पेपर लीक पर जवाबदेही सुनिश्चित करे सरकार

चंडीगढ़, 28 जुलाई।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा का युवा आज अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में है। सरकारी नौकरियों की लाखों रिक्तियां वर्षों से खाली पड़ी हैं, भर्ती प्रक्रियाएं लगातार विलंब का शिकार होती रही हैं और कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं पेपर लीक, गोपनीयता भंग या गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के कारण रद्द करनी पड़ीं। इससे लाखों युवाओं का समय, धन और भविष्य प्रभावित हुआ है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में हरियाणा विधानसभा में स्वीकार किया कि वर्ष 2014 से 2024-25 के बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में 29 एफआईआर दर्ज हुईं। सरकार ने यह भी बताया कि असिस्टेंट लाइनमैन, ग्राम सचिव और पुरुष पुलिस कांस्टेबल जैसी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के टूटे हुए विश्वास की कहानी है। जब कोई परीक्षा रद्द होती है तो अभ्यर्थी को दोबारा तैयारी करनी पड़ती है, फिर से आवेदन करना पड़ता है, यात्रा और रहने का खर्च उठाना पड़ता है तथा मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अनेक परिवार अपने बच्चों की तैयारी पर वर्षों की कमाई खर्च करते हैं। ऐसे में सरकार की पहली जिम्मेदारी पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को व्यापक रोजगार के अवसर देने और पारदर्शी भर्ती का वादा किया था, लेकिन आज भी विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में स्वीकृत पद रिक्त पड़े हैं। रिक्त पदों के कारण एक ओर सरकारी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं तो दूसरी ओर योग्य युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कौशल रोजगार और संविदा आधारित व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्थायी सरकारी पदों की बजाय अस्थायी व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता से युवाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। कांग्रेस का मानना है कि जहां नियमित पद स्वीकृत हैं, वहां नियमानुसार नियमित भर्ती होनी चाहिए तथा समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और जवाबदेह होनी चाहिए। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग, समयबद्ध जांच और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास किसी भी सरकार की सबसे बड़ी पूंजी होता है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो शासन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसलिए सरकार को इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों, विशेषज्ञों और युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
कुमारी सैलजा ने मांग की कि राज्य सरकार सभी रिक्त सरकारी पदों का अद्यतन श्वेतपत्र जारी करे, भर्ती का समयबद्ध कैलेंडर घोषित करे, लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करे, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी भर्ती और समय पर रोजगार चाहता है।

