हरियाणा में ऊर्जा मंत्री से बैठक के बाद बिजली कर्मियों की हड़ताल टली
-सरकार ने दिया मांगों के समाधान का भरोसा

चंडीगढ़, 10 अगस्त हरियाणा सरकार द्वारा बिजली विभाग में पैरेलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग समेत कर्मचारियों की मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने के बाद बिजली कर्मियों ने 11 अगस्त से शुरू होने वाली हड़ताल को टाल दिया है।
बिजली कर्मियों ने यह फैसला सोमवार को ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ कई घंटे की मैराथन बैठक के बाद लिया। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में बिजली कर्मचारी यूनियन ने निजीकरण का विरोध किया। वहीं, बिजली कर्मियों की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया।
बिजली कर्मचारियों और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के बीच हुई वार्ता में हर मुद्दे पर चर्चा हुई। कर्मचारियों ने सरकार को मांगों को पूरा करने का दो महीने का समय दिया। बैठक में सरकार की ओर से कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत बहुत अच्छे और सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख चिंता बिजली क्षेत्र के निजीकरण को लेकर थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि निजीकरण से जुड़े मुद्दे पर उसने भी हरियाणा विद्युत नियामक आयोग में अपना विरोध दर्ज कराया है। विज ने बताया कि कर्मचारियों की कुछ मांगें अभी लंबित रखी गई हैं, जिनका अध्ययन किया जाएगा। रिस्क अलाउंस के मुद्दे पर सरकार ने सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है और इसके लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। कमेटी इस मामले का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई का रास्ता तय करेगी।
बैठक के बाद कर्मचारियों ने सरकार को लंबित मांगों के समाधान के लिए समय देने पर सहमति जताई और प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया। इससे फिलहाल बिजली व्यवस्था पर संभावित हड़ताल का संकट टल गया है।
स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर कर्मचारियों की आशंका पर विज ने कहा कि अभी तक स्मार्ट मीटर लगाने के लिए कोई टेंडर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाना उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा और सरकार इसे अनिवार्य नहीं कर रही है। एग्री-डिस्कॉम के मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इसकी घोषणा की है, लेकिन अभी इस संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इस पर कोई आश्वासन देना संभव नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में इस दिशा में कोई कदम उठाने की स्थिति बनती है तो कर्मचारियों को बुलाकर बातचीत की जाएगी और उनकी बात के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

